Sanjay Kumar Mishra: पूर्व ED चीफ संजय कुमार मिश्रा को बड़ी जिम्मेदारी, PM की आर्थिक सलाहकार परिषद में शामिल
Sanjay Kumar Mishra: पूर्व ईडी चीफ संजय कुमार मिश्रा को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद् में 2018 में पहली बार ईडी प्रमुख के रूप में नियुक्त किए गए मिश्रा को एजेंसी का नेतृत्व करते समय केंद्र की ओर से कई बार सेवा विस्तार दिया गया था। बाद में, सुप्रीम कोर्ट ने उनके तीसरे और अंतिम विस्तार को "अवैध" घोषित करार दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय के पूर्व प्रमुख संजय कुमार मिश्रा को बुधवार को प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) में शामिल किया गया। उत्तर प्रदेश से 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी मिश्रा को सचिव के पद पर नियुक्त किया गया है। ईएसी-पीएम एक स्वतंत्र निकाय है जिसका कार्य प्रमुख आर्थिक मुद्दों पर प्रधानमंत्री को पूरी जानकारी प्रदान करना और सलाह देना है।
2018 में पहली बार ईडी प्रमुख के रूप में नियुक्त किए गए मिश्रा को एजेंसी का नेतृत्व करते समय केंद्र की ओर से कई बार सेवा विस्तार दिया गया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उनके तीसरे और अंतिम विस्तार को "अवैध" घोषित करार दिया था।
ईएसी-पीएम के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में करेंगे काम
मंगलवार को जारी एक सरकारी आदेश में कहा गया कि आयकर कैडर के 1984 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी मिश्रा प्रधानमंत्री की ओर से उनकी नियुक्ति को मंजूरी दिए जाने के बाद ईएसी-पीएम के पूर्णकालिक सदस्य के रूप में काम करेंगे।
आदेश में कहा गया है कि मिश्रा को पदभार ग्रहण करने की तिथि से भारत सरकार के सचिव के पद और वेतन पर नियुक्त किया गया है, जो पुनर्नियोजित सरकारी अधिकारियों पर लागू सामान्य नियमों और शर्तों के अनुसार होगा।
ईएसी-पीएम एक "स्वतंत्र" निकाय है जिसका गठन भारत सरकार, विशेष रूप से प्रधानमंत्री को आर्थिक और संबंधित मुद्दों पर सलाह देने के लिए किया गया है। इसके वर्तमान अध्यक्ष अर्थशास्त्री सुमन बेरी हैं। नवंबर 2024 में इसके पूर्व अध्यक्ष बिबेक देबरॉय की मृत्यु के बाद निकाय में एक पद रिक्त हो गया था
मिश्रा के कार्यकाल में ईडी पर लगा सरकार पक्ष में काम करने का आरोप
मिश्रा के कार्यकाल के दौरान ईडी ने कई हाई-प्रोफाइल लोगों और राजनेताओं की जांच की। जिनमें कांग्रेस के सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल गांधी और बेटी प्रियंका गांधी के अलावा कई मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के खिलाफ धन शोधन निरोधक कानून के तहत जांच की गई थी। इसकी विपक्षी दलों ने आलोचना करते हुए कहा था कि एजेंसी एक "उपकरण" है और भाजपा शासित केंद्र के इशारे पर काम कर रही है।
उन्हें अक्टूबर 2018 में ईडी निदेशक नियुक्त किया गया था और एजेंसी प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल पांच साल का था जो दूसरा सबसे लंबा कार्यकाल था। ईडी के पहले निदेशक एएम चटर्जी का कार्यकाल 1957 से 1965 के बीच लगभग 7.5 वर्षों का सबसे लंबा था। केंद्र सरकार ने मिश्रा को सचिव रैंक पर पदोन्नत किया था, जबकि वे ईडी के प्रमुख थे, जो मौजूदा सरकारी नीति के अनुसार एक अतिरिक्त सचिव का पद है।
मिश्रा केंद्रीय गृह मंत्रालय के अलावा आयकर विभाग में भी विभिन्न पदों पर कार्य कर चुके हैं। मिश्रा के कार्यकाल के दौरान ही ईडी ने वीआईपी हेलिकॉप्टर मामले के आरोपी और ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल के अलावा एक अन्य प्रमुख संदिग्ध राजीव सक्सेना को भारत प्रत्यर्पित कराया था। उन्हीं के समय विजय माल्या, नीरव मोदी और संजय भंडारी जैसे आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ प्रत्यर्पण की कार्यवाही सुनिश्चित की गई।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.