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राजस्थानः भाजपा के वरिष्ठ नेता बना सकते हैं तीसरी पार्टी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 19 Dec 2016 08:17 PM IST
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बीजेपी नेता घनश्याम तिवाड़ी
- फोटो : Social Media
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मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की खिलाफत के लिए जाने जाने वाले बड़े नेताओं ने राजस्थान में राजनीतिक त्रिकोण बनाने के संकेत दे दिए हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता विधायक घनश्याम तिवाड़ी और मीणा समाज से बड़े नेता राजपा प्रमुख किरोड़ी लाल मीणा साथ खड़े हो गए हैं। पहले भाजपा में रहे मीणा ने कहा कि वे तिवाड़ी के हर मुद्दे पर उनके साथ हैं। इधर, भाजपा से निकाले गए निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल भी उनके साथ मिल सकते हैं।
तिवाड़ी ने सोमवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर मलमास के बाद राजस्थान में रथयात्रा निकालने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे दीनदयाल वाहिनी में प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे और इसे राजनीतिक शाखा के तौर पर स्थापित करेंगे। तिवाड़ी ने अपने पुत्र के साथ मिलकर दीनदयाल वाहिनी का गठन किया था। वे दीनदयाल वाहिनी को सोमवार से पहले गैर राजनीतिक दल बताते रहे थे।
उन्होंने सरकार के तीन साल पर तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान में कही भी सरकार नहीं दिख रही है। इस अवसर पर मीणा भी उनके साथ शामिल हुए और कहा कि हम साथ-साथ हैं।
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राजे के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में घनश्याम तिवाड़ी से लगातार अनबन रही है। इसके चलते वरिष्ठ नेता होने के बावजूद राजे ने उन्हें शुरू से ही मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया। मीणा और बेनीवाल भी राजे पर भ्रष्टाचार के व्यक्तिगत आरोप लगाते रहे हैं।
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तिवाड़ी ने सोमवार को अपने जन्मदिन के अवसर पर मलमास के बाद राजस्थान में रथयात्रा निकालने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे दीनदयाल वाहिनी में प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर काम करेंगे और इसे राजनीतिक शाखा के तौर पर स्थापित करेंगे। तिवाड़ी ने अपने पुत्र के साथ मिलकर दीनदयाल वाहिनी का गठन किया था। वे दीनदयाल वाहिनी को सोमवार से पहले गैर राजनीतिक दल बताते रहे थे।
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उन्होंने सरकार के तीन साल पर तंज कसते हुए कहा कि राजस्थान में कही भी सरकार नहीं दिख रही है। इस अवसर पर मीणा भी उनके साथ शामिल हुए और कहा कि हम साथ-साथ हैं।
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राजे के पिछले और वर्तमान कार्यकाल में घनश्याम तिवाड़ी से लगातार अनबन रही है। इसके चलते वरिष्ठ नेता होने के बावजूद राजे ने उन्हें शुरू से ही मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया। मीणा और बेनीवाल भी राजे पर भ्रष्टाचार के व्यक्तिगत आरोप लगाते रहे हैं।