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Bengal: घोष और भट्टाचार्य ने की मुलाकात, अटकलों पर लगा विराम; विधानसभा चुनाव से पहले एकजुट भाजपा का दिया संदेश

Tue, 08 Jul 2025 10:47 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 08 Jul 2025 10:47 PM IST
सार

Bengal: पश्चिम बंगाल भाजपा के नए अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष से मिलकर पार्टी में एकजुटता का संदेश दिया। इससे घोष की नाराजगी और पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लग गया। भट्टाचार्य ने सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर 2026 विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज करने का एलान किया।

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Ex-Bengal BJP chief Dilip Ghosh meets incumbent Samik Bhattacharya, signals truce before 2026 polls
दिलीप घोष, समिक भट्टाचार्य - फोटो : एक्स/दिलीप घोष का कार्यालय

विस्तार

पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष का पद संभालने के कुछ ही दिनों बाद समिक भट्टाचार्य ने मंगलवार को पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को फिर से सक्रिय कर एक बड़ा सियासी संदेश दिया। इससे 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले उनकी नाराजगी और पार्टी छोड़ने की अटकलों पर विराम लग गया।

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भाजपा के साल्ट लेक स्थित राज्य मुख्यालय में सैकड़ों कार्यकर्ता जुटे थे। समिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष ने सबके सामने मुलाकात की, गले मिलकर संदेश दिया कि अब 'एकजुट भाजपा' सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस से मुकाबला करेगी। 
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यह केवल प्रतीकात्मक ही नहीं, बल्कि रणनीतिक कदम भी था। भट्टाचार्य ने खुद दिलीप घोष को फोन किया था, जो उनके पदभार ग्रहण समारोह और हालिया पार्टी कार्यक्रमों से नदारद रहे थे। उस समय यह चर्चा थी कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को पार्टी में दरकिनार किया जा रहा है और वह भाजपा छोड़ सकते हैं। मंगलवार को इन तमाम अटकलों पर विराम लग गया। 

भट्टाचार्य ने उत्साहित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, हम सभी भाजपा हैं। हम सब कमल के निशान के तहत लड़ते हैं। मतभेद अस्थायी होते हैं, लेकिन हमारा मिशन स्थायी है। उन्होंने एलान किया, पंद्रह दिनों के भीतर बंगाल एकजुट भाजपा को देखेगा। मैं हर जिले में जाऊंगा और हर कार्यकर्ता से मिलूंगा। एक भी सिपाही पीछे नहीं छूटेगा। 

बैठक के बाद अपने समर्थकों के जोरदार नारों के बीच घोष ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, मैं भाजपा में हूं, सक्रिय हूं और कहीं नहीं जा रहा हूं। सिर्फ इसलिए कि मेरे पास कोई पद नहीं है, इसका मतलब यह नहीं कि मुझे हर बैठक में जाना पड़े। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि सारे पुराने कार्यकर्ता समिक के साथ हैं। हम उनके नेतृत्व में नबन्ना (राज्य सचिवालय) तक पहुंचने के लिए लड़ेंगे।  

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सूत्रों ने पुष्टि की कि भट्टाचार्य ने हाल के दिनों में कई बार घोष से संपर्क किया था। इससे पहले, फोन पर निमंत्रण मिलने के बावजूद घोष ने यह कहते हुए सम्मान समारोह में भाग नहीं लिया था कि उन्हें राज्य इकाई की ओर से कोई आधिकारिक आमंत्रण नहीं मिला। लेकिन मंगलवार की बैठक ने तस्वीर बदल दी।

पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भट्टाचार्य ने कहा, किसी को यह कहकर दूर मत करो कि वह किसी और पार्टी से आया है। यह सिर्फ भाजपा की बात नहीं है, यह बंगाल को बचाने की लड़ाई है। जो कभी टीएमसी का हिस्सा थे, लेकिन अब निराश हैं, उन्हें भी जोड़ो। पुराने वामपंथियों को भी साथ लाओ। यहां तक कि प्रगतिशील मुसलमानों को भी, यह उनकी भी लड़ाई है। यह हिंदू बंगालियों के लिए आखिरी चुनाव है।

भाजपा के नए राज्य प्रमुख ने कहा कि अगर ममता बनर्जी फिर सत्ता में आईं, तो पश्चिम बंगाल विधानसभा पुरानी जम्मू और कश्मीर विधानसभा जैसी हो जाएगी। पार्टी के आम कार्यकर्ताओं को सीधे संदेश देते हुए उन्होंने कहा, किसी को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए। एक भी भाजपा कार्यकर्ता ऐसा महसूस न करे कि वह बाहर है। 

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