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कोरोना पर आयुष शोध की अनुमति पाने के लिए सरकार को सौंपने होंगे साक्ष्य
Thu, 11 Jun 2020 02:15 PM IST
अंशुल तलमले
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अंशुल तलमले
Updated Thu, 11 Jun 2020 02:15 PM IST
सार
- कोविड अध्ययन के लिए तीन हजार से ज्यादा पहुंचे आवेदन
- आयुष मंत्रालय ने दवा डोजियर सहित कई अहम दस्तावेज मांगे
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विस्तार
कोरोना पर आयुष शोध की अनुमति पाने के लिए शोधकर्ताओं को सरकार को अहम साक्ष्य सौंपने होंगे। आयुष मंत्रालय ने इस दवा जो डोजियर सहित अहम दस्तावेज मांगे हैं। उनके लिए मंत्रालय के पास 3 हजार से ज्यादा आवेदन पहुंचे हैं। जिनमें आयुर्वेद होम्योपैथी और यूनानी सिद्ध-योग सोवा रिग्पा पद्धति भी शामिल है।
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आयुष मंत्रालय ने दवा डोजियर सहित कई अहम दस्तावेज मांगे
मंत्रालय ने आवेदकों से दवा डोजियर के अलावा तकनीकी स्वामित्व दस्तावेज और गुणवत्ता फ्री क्लीनिक सेफ्टी और डाटा या नए प्रस्तावित संकेत का समर्थन करने वाले साक्ष्य देने के लिए कहा है। दरअसल, 28 मार्च को पीएम मोदी ने एक सुझाव दिया था कि आयुष निर्माता सैनिटाइजर, आयुष का तैयारी संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।
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मंत्रालय ने 31 मार्च को जारी अधिसूचना में जैव प्रौद्योगिकी विभाग वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद और आयुष चिकित्सकों के प्रतिनिधियों की टास्क फोर्स द्वारा प्रस्तावित समीक्षा कराए जाने का जिक्र किया था।
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अध्ययन 308 आवेदनों को पहले चरण के लिए चुना गया। अध्ययन के लिए 10 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसमें अधिकांश प्रस्ताव आयुर्वेद (212) होम्योपैथी (49) सिद्ध (24) यूनानी (12) योग (10) वर्ष सोवा रिग्पा (1) के लिए हैं।