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भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते में यूरोपीय संघ ने दिखाई रुचि

Tue, 21 Feb 2017 07:29 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
एजेंसी/ नई दिल्ली Updated Tue, 21 Feb 2017 07:29 AM IST
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European Union shown interest in the FTA with India
सांकेतिक चित्र

यूरोपीय संघ (ईयू) ने सोमवार को भारत से आग्रह किया है कि यहां की सरकार यूरोपीय संघ के कई देशों के साथ अपने द्विपक्षीय निवेश समझौते को छह महीने का और विस्तार दे। अन्यथा ऐसे समझौतों की अनुपस्थिति में विभिन्न व्यापार समझौतों और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से संबंधित वार्ता पर नकारात्मक असर पड़ेगा। यूरोपीय संघ के कई देशों के साथ हुए भारत के समझौते की अवधि जल्द ही खत्म होने वाली है।

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यूरोपीय संसद का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधि मंडल भारत आया हुआ है। प्रतिनिधि मंडल अमेरिका के ट्रंप प्रशासन पर भारत का रुख जानना चाहता है और साथ ही भारत-ईयू समझौते से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी बात करना चाहता है। प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि भारत व पाकिस्तान के बीच संबंध बेहतर होने चाहिएं।
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प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष जियोफ्रे वान ऑर्डेन ने कहा कि ईयू चाहता है कि भारत अवरुद्घ एफटीए वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए पहले निवेश समझौतों का नवीनीकरण करे। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यदि व्यापार और निवेश समझौतों को छह महीने का विस्तार दिया जाए, तो यह मददगार होगा। यह मुद्दा एफटीए वार्ता में एक समस्या बनी हुई है। नीदरलैंड के साथ भारत के वर्तमान व्यापार और निवेश समझौते नवंबर में अप्रभावी हो चुके हैं। कई अन्य ईयू देशों के साथ भारत के ऐसे समझौते आने वाले कुछ महीनों में अप्रभावी होने वाले हैं।
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ऑर्डेन ने कहा कि इन समझौतों के अप्रभावी होने से ईयू देशों के लिए भारत में नया निवेश करना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि ईयू चाहता है कि भारत पहले इन समझौतों की प्रभाव अवधि को विस्तार दे और उसके बाद एफटीए वार्ता पर कदम बढ़ाए। भारत और ईयू के बीच प्रस्तावित एफटीए का नाम है ‘ईयू-इंडिया ब्रॉड-बेस्ड ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट एग्रीमेंट’ (बीटीआईए)।

कुछ ताकतें बेहतर भारत-पाक संबंध में बाधक

European Union shown interest in the FTA with India

प्रतिनिधि मंडल के अध्यक्ष जियोफ्रे वान ऑर्डेन ने कश्मीर का हवाला देते हुए कहा कि ईयू हमेशा मानवाधिकार उल्लंघन संबंधी मुद्दों के प्रति संजीदा रहता है। उन्होंने कहा कि कुछ ताकतें नहीं चाहती हैं कि भारत व पाकिस्तान का संबंध बेहतर हो। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा आतंकियों को पनाह देना एक गंभीर समस्या है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के साथ संबंध बेहतर करने की इच्छा शक्ति दिखाई है।

ट्रंप प्रशासन पर भारत की राय जानने की कोशिश
ऑर्डेन ने कहा कि प्रतिनिधि मंडल ट्रंप प्रशासन पर भारत की राय जानना चाहता है, पाकिस्तान संबंधी मुद्दों और भारत-ईयू संबंधों से संबद्घ मुद्दों पर वार्ता करना चाहता है। प्रतिनिधि मंडल केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह से मिल रहा है।

भारत-ईयू एफटीए वार्ता मई 2013 से अवरुद्घ
भारत और ईयू के बीच प्रस्तावित एफटीए ‘ईयू-इंडिया ब्रॉड-बेस्ड ट्रेड एंड इनवेस्टमेंट एग्रीमेंट’ (बीटीआईए) वार्ता भारतीय आईटी सेक्टर के लिए डाटा सुरक्षा दर्जा तथा अन्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण मई 2013 से अवरुद्घ है। वार्ता जून 2007 में शुरू हुई थी। ईयू ने अब इस वार्ता को आगे बढ़ाने में दिलचस्पी दिखाई है।

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