महाराष्ट्र: मंत्रालय में मिलीं शराब की खाली बोतलें, राज्य सरकार ने दिया जांच का आदेश, भाजपा ने साधा निशाना
दक्षिण मुंबई स्थित महाराष्ट्र के मंत्रालय के परिसर में शराब की खाली बोतलें मिलीं। ये बोतलें मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रियों के कक्ष के समीप पड़ी थीं।
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महाराष्ट्र के मंत्रालय परिसर में शराब की कई खाली बोतलें मिलने का मामला सामने आया है। भूतल पर जिस जगह ये बोतलें मिलीं, उसके पास ही मुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्य सचिव व अन्य अफसरों के कक्ष मौजूद हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उद्धव सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं ,भाजपा ने उद्धव सरकार पर शराब कारोबारियों के प्रति नरम रवैये का आरोप लगाते हुए निशाना साधा।
शराब की ये खाली बोतलें कैंटीन की ओर जाने वाली सीढ़ियों के नीचे भूतल पर मिलीं। इससे मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था में खामी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर राज्य के सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री दत्तात्रय भराणे ने आशंका जताई कि मंत्रालय में चल रहे कुछ निर्माण कार्य करने वाले कांट्रेक्टर व श्रमिकों की इसमें भूमिका हो सकती है। हो सकता है कि ये लोग शराब की बोतलें लाए हों। उन्होंने कहा कि मैं इसकी सूचना राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे को दूंगा। मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। मामले में क्या सुरक्षा में चूक हुई है? यह सवाल पूछने पर मंत्री भराणे ने कहा कि कोई भी व्यक्ति सुरक्षा अधिकारी द्वारा वैध पास के बिना परिसर में प्रवेश नहीं कर सकता।
शराब कारोबारियों के प्रति सरकार नरम : भाजपा
उधर, महाराष्ट्र भाजपा के प्रवक्ता केशव उपाध्ये ने इस घटना को लेकर शिवसेना नीत एमवीए सरकार की खिंचाई की है। उन्होंने कहा कि शराब कारोबारियों के प्रति राज्य सरकार का नरम रुख सब जानते हैं। मंत्रालय में बड़ी तादाद में शराब की खाली बोतलें मिलना घिनौना मामला है।
भाजपा नेता उपाध्ये ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने पूर्वी महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में शराब वितरण पर रोक लगा दी थी, लेकिन इस सरकार ने आते ही उस निर्णय को वापस ले लिया। कोरोना लॉकडाउन के दौरान भी राज्य सरकार ने शराब की दुकानें, अन्य दुकानों के लिए राहत देने से पहले ही खोलने की इजाजत दे दी थी।