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EMC: वेदांता-फॉक्सकॉन प्रोजेक्ट की भरपाई की कोशिश, केंद्र ने महाराष्ट्र को दी 500 करोड़ रुपये की परियोजना
Mon, 31 Oct 2022 09:08 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Mon, 31 Oct 2022 09:08 PM IST
सार
हाल ही में खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता ने 1.53 लाख करोड़ रुपये की अपने चिप फैक्ट्री प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र के बजाय गुजरात में लगाने का फैसला किया था। इसके बाद महाराष्ट्र ने 22,000 करोड़ रुपये की टाटा-एयरबस परिवहन विमान परियोजना भी गंवा दी थी।
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पीएम नरेंद्र मोदी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
गुजरात से अपने बड़े प्रोजेक्ट को गंवाने के बाद महाराष्ट्र को केंद्र सरकार ने तोहफा दिया है। दरअसल, केंद्र सरकार ने पुणे के रंजनगांव में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्लस्टर बनाने के लिए 500 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोमवार को इस परियोजना की घोषणा की। केंद्र सरकार के इस कदम को महाराष्ट्र द्वारा हाल में गंवाई परियोजनाओं की भरपाई के रूप में देखा जा रहा है।
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इस दौरान उन्होंने कहा कि इस परियोजना के बाद अब महाराष्ट्र में क्लस्टर निर्माता बड़ा निवेश करने के लिए आकर्षित होंगे। इस परियोजना से राज्य में हजारों नौकरियां पैदा होंगी। इसके साथ ही अब राज्य देश में बड़े इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन केंद्र के रूप में उभरेगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर (ईएमसी) के जरिए 2,000-3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें आने वाले वर्षों में पांच से छह हजार नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
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गौरतलब है कि हाल ही में खनन क्षेत्र की दिग्गज कंपनी वेदांता ने 1.53 लाख करोड़ रुपये की अपने चिप फैक्ट्री प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र के बजाय गुजरात में लगाने का फैसला किया था। इसके बाद महाराष्ट्र ने 22,000 करोड़ रुपये की टाटा-एयरबस परिवहन विमान परियोजना भी गंवा दी थी। इन परियोजनाओं के महाराष्ट्र के हाथ से जाने के बाद राज्य में विपक्ष के नेताओं ने सरकार की काफी आलोचना की थी।
गौरतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टर के विकास पर कुल 492.85 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसमें से 207.98 करोड़ रुपये का वित्त भारत सरकार वहन करेगी। वहीं 284.87 करोड़ रुपये का योगदान महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) की तरफ से किया जाएगा।