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क्लाइमेट ट्रेंड की रिपोर्ट: दिल्ली महाराष्ट्र हरियाणा और यूपी की ईवी नीतियां सबसे व्यापक
Sat, 18 Feb 2023 06:59 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Sat, 18 Feb 2023 06:59 AM IST
सार
आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना तेजी से चार्जिंग ढांचे, निवेश और ईवी की भागीदारी में लक्ष्य हासिल करने की तरफ बढ़ रहे हैं।
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इलेक्ट्रिक वाहन सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीतियां देश में सबसे व्यापक हैं। बजट आवंटन, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और नौकरी सृजन सहित कुल 21 पैमानों पर इन नीतियों को परखा गया है। फिलहाल, देश के 26 राज्यों मे ही ईवी नीतियां लागू हैं। क्लाइमेट ट्रेंड की अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, केरल और उत्तराखंड की ईवी नीतियां 21 में से सिर्फ सात पैमानों पर ही खरी उतरती हैं।
इस तरह ये देश की सबसे संकुचित ईवी नीतियों वाले राज्य हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना तेजी से चार्जिंग ढांचे, निवेश और ईवी की भागीदारी में लक्ष्य हासिल करने की तरफ बढ़ रहे हैं। दिल्ली, ओडिशा, बिहार, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और मेघालय की ईवी नीतियों में मांग पक्ष पर प्रोत्साहन पक्ष सबसे अच्छा है। तमिलनाडु, हरियाणा व आंध्र प्रदेश में आपूर्ति पक्ष को अच्छा प्रोत्साहन दिया गया है। चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, दिल्ली, महाराष्ट्र, मेघालय, लद्दाख में नए आवासीय भवनों, कार्यालयों, पार्किंग स्थल, मॉल आदि में चार्जिंग बुनियादी ढांचे का निर्माण अनिवार्य किया है गया है।
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इस तरह ये देश की सबसे संकुचित ईवी नीतियों वाले राज्य हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना तेजी से चार्जिंग ढांचे, निवेश और ईवी की भागीदारी में लक्ष्य हासिल करने की तरफ बढ़ रहे हैं। दिल्ली, ओडिशा, बिहार, चंडीगढ़, अंडमान और निकोबार, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान और मेघालय की ईवी नीतियों में मांग पक्ष पर प्रोत्साहन पक्ष सबसे अच्छा है। तमिलनाडु, हरियाणा व आंध्र प्रदेश में आपूर्ति पक्ष को अच्छा प्रोत्साहन दिया गया है। चंडीगढ़, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा, दिल्ली, महाराष्ट्र, मेघालय, लद्दाख में नए आवासीय भवनों, कार्यालयों, पार्किंग स्थल, मॉल आदि में चार्जिंग बुनियादी ढांचे का निर्माण अनिवार्य किया है गया है।
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