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Electoral Bond: RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय बोले- चुनावी बॉन्ड एक 'प्रयोग', समय बताएगा कितना फायदेमंद रहा

Sun, 17 Mar 2024 03:41 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 17 Mar 2024 03:41 PM IST
सार

Electoral Bonds: आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि चुनावी बॉन्ड के मुद्दे पर होसबोले ने कहा कि आरएसएस ने अभी तक इस पर चर्चा नहीं की है, क्योंकि यह एक प्रयोग है। उन्होंने कहा,इसे जांच-परख के साथ लागू किया था और ऐसा नहीं है कि आज अचानक चुनावी बॉन्ड पेश किए गए हैं। यह (ऐसी योजना) पहले भी लाई गई थी।

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Electoral bonds is an 'experiment', time will tell how beneficial it has been: RSS general secy
दत्तात्रेय होसबोले - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि चुनावी बॉन्ड एक प्रयोग है। समय बताएगा कि यह कितना फायदेमंद और प्रभावी रहा है। आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) ने रविवार को को होसबोले को तीन साल के लिए सरकार्यवाह (महासचिव) के पद के लिए फिर से निर्वाचित किया। 

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सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने हाल ही में चुनाव आयोग (ईसी) को चुनावी बॉन्ड के आंकड़े सौंपे। इसके बाद आयोग ने इन आंकड़ों को सार्वजनिक किया। इन बॉन्ड के खरीददारों में कई अरबपति उद्योगपति और कंपनियां शामिल हैं।  चुनावी बॉन्ड के खरीददारों में इस्पात कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल से लेकर अरबपति सुनील भारती मित्तल की एयरटेल, अनिल अग्रवाल की वेदांता, आईटीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और फ्यूचर गेमिंग एंड टोटल सर्विसेज जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं। 

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चुनावी बॉन्ड के मुद्दे पर होसबोले ने कहा कि आरएसएस ने अभी तक इस पर चर्चा नहीं की है, क्योंकि यह एक प्रयोग है। उन्होंने कहा,इसे जांच-परख के साथ लागू किया था और ऐसा नहीं है कि आज अचानक चुनावी बॉन्ड पेश किए गए हैं। यह (ऐसी योजना) पहले भी लाई गई थी। जब भी कोई बदलाव लाया जाता है, तो सवाल उठाए जाते हैं। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) को लागू किए जाने पर भी सवाल उठे थे। 

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उन्होंने आगे कहा, जब नई चीजें सामने आएंगी तो लोगों द्वारा सवाल उठाए जाने स्वभाविक हैं। लेकिन समय बताएगा कि नई व्यवस्था कितनी फायदेमंद और प्रभावी है। इसलिए आरएसएस को लगता है कि इसे प्रयोग के लिए छोड़ देना चाहिए। आरएसएस की वार्षित तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा शुक्रवार को महाराष्ट्र के नागपुर शहर के रेशमीबाग इलाके में स्मृति भवन परिसर में शुरू हुई। यह बैठक छह साल बाद आरएसएस के नागपुर मुख्यालय पर हो रही है। 

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