Poll Results: चुनावी राज्यों में जहां राहुल-प्रियंका ने की रैलियां वहां क्या होगा, पिछली बार यहां कैसे थे नतीज
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
विस्तार
मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज आएंगे। इससे पहले एग्जिट पोल सामने आ चुके हैं। अगर ये अनुमान नतीजों में बदलते हैं तो मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा की सरकारें होंगी। वहीं छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में कांग्रेस की सत्ता होगी। इसके अलावा मिजोरम में सत्ताधारी एमएनएफ को जेडपीएम से कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है।
नतीजों के साथ सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात की हो रही होगी, वो होगी पार्टी के स्टार प्रचारकों के चुनावी कार्यक्रमों का क्या असर हुआ। ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने कहां-कहां प्रचार किया? जिन जिलों में दोनों नेताओं ने रैलियां, जनसभा और रोड शो किए वहां कांग्रेस ने 2018 में कितनी सीटें जीती थीं?
मध्य प्रदेश
चार अन्य राज्यों के साथ मध्य प्रदेश में 9 अक्तूबर को विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा हुई थी। तब से लेकर 15 नवंबर की शाम तक सभी पार्टियों ने चुनाव प्रचार में ताकत झोंकी। कांग्रेस की तरफ से इसके स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने भी राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में रैली, जनसभा और रेड शो किए।
प्रियंका गए गांधी के चुनाव प्रचार की बात करें तो, उन्होंने राज्य में 37 दिन में कुल नौ जिलों में 11 चुनावी कार्यक्रम किए। इसमें रैली, जनसभा और रोड शो शामिल हैं। कांग्रेस की स्टार प्रचारक ने 10 अक्तूबर को मंडला जिले में जन आक्रोश रैली के जरिए राज्य में चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी।
इसके बाद प्रियंका ने दमोह, धार, इंदौर, देवास, सतना, रीवा, दतिया में चुनावी कार्यक्रमों को संबोधित किया था।अपने चुनाव अभियान के अंत में कांग्रेस नेता सीधी पहुंची थीं, जहां उन्होंने 15 नवंबर को जनसभा को संबोधित किया था। सबसे ज्यादा इंदौर जिले में कांग्रेस नेता ने दो रैलियां और एक रोड शो किया था।
वहीं, राहुल गांधी ने पार्टी के लिए कुल 10 जिलों में 11 चुनावी कार्यक्रम किए। कांग्रेस सांसद ने 10 अक्तूबर को शहडोल जिले में जन आक्रोश सभा के जरिए अभियान का बिगुल फूंका था। इसके बाद अशोकनगर, जबलपुर (जबलपुर पश्चिम और जबलपुर पूर्व सीट) सतना, बड़वानी (राजपुर), नीमच (जावद), हरदा (टिमरनी), भोपाल और विदिशा जिलों में चुनाव प्रचार किया। राहुल ने 14 नवंबर को टीकमगढ़ जिले के खरड़गपुर में चुनाव प्रचार को समाप्त किया था।
इन्हीं आंकड़ों को जिलेवार देखें तो दोनों नेताओं ने अपने चुनावी कार्यक्रम में 19 जिले कवर किए जिनमें 91 विधानसभा सीटें पड़ती हैं। पिछले चुनाव में इनमें से कांग्रेस ने 41 सीटें, भाजपा ने 44 सीटें और अन्य 6 सीटें जीती थीं।
राजस्थान
प्रियंका गांधी ने राज्य में सात जिलों में सात चुनावी कार्यक्रम किए। कांग्रेस नेता ने 20 अक्तूबर को दौसा जिले में चुनावी प्रचार की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रियंका ने झुंझुनूं, चित्तौड़गढ़, केकड़ी (अजमेर), जहाजपुर (भीलवाड़ा) सगवाड़ा (डूंगरपुर) और शाहपुरा (जयपुर) में चुनावी कार्यक्रमों को संबोधित किया था।
राहुल गांधी ने पार्टी के लिए राजस्थान में कुल 10 जिलों में 10 चुनावी कार्यक्रम किए। कांग्रेस नेता ने 19 नवंबर को जिले में तारानगर (चूरू) में अभियान शुरू किया था। इसके बाद नोहर (हनुमानगढ़), सादुलशहर (गंगानगर), बूंदी, दौसा, वल्लभनगर (उदयपुर), बायतू (बाड़मेर), राजाखेड़ा (धौलपुर), नदबई (भरतपुर) और गंगापुर जिले में पार्टी के लिए प्रचार किया था।
इस तरह से दोनों नेताओं ने राज्य में अपने चुनावी कार्यक्रम में 17 जिले कवर किए जिनमें 100 विधानसभा सीटें पड़ती हैं। 2018 के विधानसभा चुनाव में इनमें से कांग्रेस को 48, भाजपा को 39 और अन्य को 13 सीटों पर जीत मिली थी।
छत्तीसगढ़
प्रियंका गांधी ने राज्य में पांच जिलों में पांच चुनावी कार्यक्रम किए। उन्होंने 30 अक्तूबर को खैरागढ़ में चुनावी प्रचार की शुरुआत की थी। इसके बाद प्रियंका ने बिलासपुर, बालोद, कुरूद (धमतरी) और रायपुर में चुनावी कार्यक्रमों को संबोधित किया था।
वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी के लिए छत्तीसगढ़ में कुल 10 जिलों में चुनावी कार्यक्रम किए। कांग्रेस नेता ने 28 अक्तूबर को कांकेर जिले में पार्टी का चुनाव अभियान शुरू किया था। इसके बाद कांकेर, कोंडागांव (जगदलपुर), राजनांदगांव, कवर्धा, जगदलपुर, खरसिया (रायगढ़), अंबिकापुर, जशपुर, बेमेतरा और बलोदा बाजार (रायपुर) में प्रचार किया था।
इस तरह से दोनों नेताओं ने राज्य में अपने चुनावी कार्यक्रम में 13 जिले कवर किए जिनमें 59 विधानसभा सीटें पड़ती हैं। पिछले चुनाव में इनमें से कांग्रेस ने 45 सीटें, भाजपा ने 10 सीटें और अन्य ने 4 सीटें जीती थीं।