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Hindi News ›   India News ›   Election of Rajya Sabha deputy chairperson can be To move forward over Monsoon session

लटक सकता है राज्यसभा उपसभापति का चुनाव, सक्रिय हुआ भाजपा खेमा

Wed, 11 Jul 2018 09:41 PM IST
हरेन्द्र, नई दिल्ली
हरेन्द्र, नई दिल्ली Updated Wed, 11 Jul 2018 09:41 PM IST
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Election of Rajya Sabha deputy chairperson can be To move forward over Monsoon session

राज्यसभा के उपसभापति का चुनाव अगले शीतकालीन सत्र के लिए टाला जा सकता है। भाजपा की रणनीति है कि अगर वह उसके पास पर्याप्त संख्याबल नहीं होता है, तो इसे चुनाव अगले सत्र के लिए टाला जाए। हालांकि विपक्ष सत्र की शुरूआत में ही नए उपसभापति के चुनाव की मांग उठा सकता है। 

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पार्टी के वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक नए उपसभापति के चुनाव को लेकर मंगलवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली के यहां दो राउंड की एक मंथन बैठक हुई, जिसमें पार्टी अध्यक्ष अमित शाह भी शामिल थे। असल में पूर्व राज्यसभा उपसभापति का कार्यकाल पिछले महीने 30 जून को खत्म हो चुका है। जबकि मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 10 अगस्त तक चलेगा। 
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संयुक्त विपक्ष चाहता है कि तृणमूल कांग्रेस से राज्यसभा सांसद सुखेंदू शेखर रॉय को उपसभापति पद के खड़ा किया जाए। वहीं भाजपा इस पद पर अपना उम्मीदवार चाहती है। वहीं विपक्षी एकता को बनाए रखने के लिए प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस पद पर अपना दावा भी छोड़ दिया है। सूत्रों का कहना है कि अगर एनडीए संख्याबल जुटाने में विफल रहता है, तो चुनाव को अगले शीत कालीन सत्र के लिए टाला जाए। भाजपा किसी भी सूरत में इस पद को अपने पास रखना चाहती है।
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चुनाव को अगले सत्र के लिए टालने के पीछे भाजपा की दलील है कि संविधान में भी नए उपसभापति के चुनाव को लेकर कोई तय समय सीमा नहीं है। यह उपराष्ट्रपति और सभापति के विवेक पर निर्भर करता है। सूत्रों का कहना है कि यूपीए दौर में डा. रहमान खान के अवकाश प्राप्त करने के चार महीने बाद चुनाव हुआ था। 

खान दो अप्रैल को रिटायर हुए थे, लेकिन चुनाव के लिए मानसून सत्र का इंतजार किया गया था। उस समय 8 अगस्त को सत्र बुलाया गया था और उपसभापति का चुनाव 21 अगस्त को हुआ था। हालांकि पिछले 41 सालों से कांग्रेस के पास डिप्टी स्पीकर का पद है और पिछले 66 सालों में से 58 सालों तक उसी के पास रहा है। 

पीएम मोदी ने दिया निर्देश- उपसभापति का पद एनडीए के पास रहना चाहिए

सुत्रों ने बताया कि भाजपा नेता अरुण जेटली के यहां पहले दौर की बैठक में शाह के अलावा, पीयूष गोयल, अनंत कुमार भी मौजूद थे, जबकि दूसरे दौर की बैठक में सुषमा स्वराज के साथ सुरेश प्रभू भी शामिल हुए। वहीं नितिन गडकरी को भी इस बैठक में शामिल होना था, लेकिन देरी से सूचित किए जाने के चलते वे इसमें शामिल नहीं हो पाए।

भाजपा सूत्रों के मुताबिक कुछ समय पहले प्रधानमंत्री के साथ हुई एक बैठक में उन्होंने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि उपसभापति का पद एनडीए के पास रहना चाहिए। सूत्रों की मानें तो भाजपा शिरोमणी अकाली दल के नेता नरेश गुजराल या एमपी से राज्यसभा सांसद और दलित चेहरा सत्यनारायण जटिया का नाम इस पद के लिए फाइनल कर सकती है।

गौरतलब है कि राज्यसभा में भाजपा के पास कुल 106 सांसदों का समर्थन है जिसमें एआईएडीएमके के 14 सांसद हैं, वहीं विपक्षी पार्टियों के पास 117 सांसद हैं। हालांकि सदन में जीतने के लिए 122 का आंकड़ा चाहिए। 

वहीं कांग्रेस की सदन में संख्या केवल 50 है, लेकिन विपक्षी दलों को मिला लें तो तृणमूल कांग्रेस के 13, समाजवादी पार्टी के 13, टीडीपी 6, डीएमके के 4, बसपा के 4, एनसीपी के 4 माकपा 4, भाकपा 1 सांसद है। कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही नवीन पटनायक की बीजेडी को अपने खेमे में लेने का प्रयास कर रहे हैं। एनडीए अगर बीजेडी को मना लेता है तो उसके 9 सांसदों के साथ एनडीए के पास 119 सांसद होंगें और विपक्ष के पास 121 होंगे। 

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