ईवीएम हैकिंग: चुनाव आयोग की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया केस
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Delhi Police: Delhi Police has received a complaint from the Election Commission of India. The legal action is being taken under section 505 of IPC in the matter. Further investigation shall be conducted as per law. https://t.co/BuiyE4hdDn
— ANI (@ANI) January 22, 2019विज्ञापन
भारत निर्वाचन आयोग ने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था। आयोग ने कहा कि इस मामले में सैयद शुजा के बयान के आधार पर जांच की जानी चाहिए। बता दें कि सोमवार को लंदन में सैयद शुजा ने ईवीएम हैक करने का दावा किया था। इस दौरान सैयद शुजा ने कहा कि 2014 के चुनाव में भाजपा ने ईवीएम हैक करवाई थीं।
Election Commission of India (ECI) writes to Delhi Police requesting it to lodge an FIR & investigate properly the statement made by Syed Shuja yesterday at an event in London claiming to demonstrate EVMs used by ECI can be tampered with pic.twitter.com/Fgdn7Ys4zY
— ANI (@ANI) January 22, 2019
वहीं, इस मामले में इलेक्टॉनिक्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने कहा है कि सैयद शुजा का ये दावा कि वह ईसीआईएल में काम करता था पूरी तरह गलत है। वह न तो कर्मचारी था और न ही किसी भी अन्य तरीके से कंपनी के साथ जुड़ा हुआ था।
Electronics Corporation of India Ltd: On self-styled US-based Cyber Expert Syed Shuja claiming that he worked in ECIL b/w 2009-14,it's certified from records that has neither been on rolls of ECIL as a regular employee nor was he in any way associated in design&deployment of EVMs
— ANI (@ANI) January 22, 2019
बता दें कि लंदन में भारतीय मूल के एक अमेरिकी एक्सपर्ट ने ईवीएम हैकिंग का दावा कर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। एक्सपर्ट सैयद शुजा के मुताबिक दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने साल 2014 में ईवीएम की हैकिंग के लिए उनसे संपर्क किया था। सैयद के मुताबिक यही राज बाद में मुंडे की मौत का कारण भी बना।
दावे के बाद सियासत शुरू
इस दावे के बाद देश के तमाम राजनीतिक दलों ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। विपक्ष की मांग है कि अगला लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाए। वहीं, चुनाव आयोग ने ईवीएम हैकिंग को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि वह इस तरह की अफवाह उड़ाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम से दूर जा रही है। तमाम बड़े देश फिर से बैलेट सिस्टम पर आ रहे हैं। केवल भारत, कांगो और अफ्रीका के कुछ देश ईवीएम से चुनाव करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि अब एक दो माह में बैलेट से चुनाव कराना संभव नहीं है, लेकिन वोटिंग प्रक्रिया को सुरक्षात्मक और भरोसेमंद बनाने के लिए वीवीपैट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आरजेडी के प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान में साफ और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें ईवीएम की रक्षा करने के लिए नही कहा गया है। ईवीएम केवल एक माध्यम है। इस तरह के खुलासों के बाद ईवीएम की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गई है। ऐसे में चुनाव आयोग को एक बार फिर बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए।