Karnataka: बढ़ सकती हैं कांग्रेस की मुश्किलें, EC ने कर्नाटक की संप्रभुता से जुड़ी पोस्ट पर खरगे से मांगा जवाब
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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कर्नाटक की संप्रभुता को लेकर कांग्रेस के सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट के बाद भाजपा ने चुनाव आयोग में इसकी शिकायत की थी। अब चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को एक पत्र लिखा है। चुनाव आयोग ने उनसे सोशल मीडिया पोस्ट पर स्पष्टीकरण मांगा है। बताया जा रहा है कि यह सोनिया गांधी का बयान था। चुनाव आयोग ने कांग्रेस अध्यक्ष से सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में नीति स्पष्ट करने और इसमें सुधार के उपाय बताने को कहा है।
क्या है मामला?
खरगे को चुनाव आयोग का पत्र 6 मई को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक ट्वीट के संबंध में एक शिकायत के बाद लिखा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इसकी शिकायत की थी। अपनी शिकायत में भाजपा ने आरोप लगाया है कि कर्नाटक भारत के संघ में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सदस्य राज्य है और भारत संघ के एक सदस्य राज्य की संप्रभुता की रक्षा के लिए कोई भी आह्वान अलगाव के आह्वान के बराबर है और खतरनाक है।
चुनाव आयोग के पत्र में कहा गया है कि शिकायत के मद्देनजर आपसे सोशल मीडिया पोस्ट के संबंध में स्पष्ट करने और सुधार के उपाय करने का अनुरोध किया जाता है, जिसे आईएनसी ट्विटर हैंडल पर डाला गया है। मामले में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष को जिम्मेदार ठहराया गया है। कांग्रेस की पूर्व प्रमुख सोनिया गांधी वर्तमान में कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष हैं।
सोनिया गांधी ने दिया था यह बयान
दरअसल, कर्नाटक के हुबली में शनिवार को एक चुनावी रैली को संबोधित करने के बाद कांग्रेस ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट किया कि सीपीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 6.5 करोड़ कन्नड़ लोगों को एक कड़ा संदेश दिया, 'कांग्रेस किसी को भी कर्नाटक की प्रतिष्ठा, संप्रभुता या अखंडता के लिए खतरा बनने नहीं देगी। इस टिप्पणी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोला था।
भाजपा को भी जारी किया नोटिस
'कांग्रेस सबसे भ्रष्ट' विज्ञापन मामले में निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक भाजपा से जवाब मांगा है। चुनाव आयोग ने आरोप साबित करने के लिए मंगलवार तक पुष्टि करने योग्य, पता लगाए जाने वाले तथ्य मुहैया कराने को कहा है। कांग्रेस ने भाजपा की कर्नाटक इकाई द्वारा जारी विज्ञापन के खिलाफ निर्वाचन आयोग से संपर्क किया था। निर्वाचन आयोग (ईसी) ने कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष को जारी अपने नोटिस में कहा कि विरोधी दलों की नीति और शासन की आलोचना संविधान में निहित एक गारंटीकृत अधिकार है और साथ ही भारत की चुनावी प्रक्रिया के तहत विभिन्न राजनीतिक नेताओं का एक आवश्यक कार्य है। इससे पहले आयोग ने कांग्रेस को उसके 'भ्रष्टाचार दर कार्ड' विज्ञापन के लिए इसी तरह का नोटिस जारी किया था।