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Arunachal: मालोगम में केवल एक मतदाता के लिए चुनाव आयोग ने उठाया बड़ा कदम, आखिर क्या है इसके पीछे की वजह
Wed, 27 Mar 2024 05:52 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ईटानगर
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 27 Mar 2024 05:52 PM IST
सार
Money Laundering Case: संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी लिकेन कोयू ने बताया कि हुलियांग से मालोगम की पैदल यात्रा में पूरा एक दिन लगता है। सभी के पास मतदान करने का अधिकार है। चाहे स्थान कितना भी दूर क्यों न हो।
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चुनाव आयोग
- फोटो : Social Media
विस्तार
अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव अधिकारियों की एक टीम अनजॉ जिले के मालोगम गांव जाएगी। दरअसल, इस गांव में 44 वर्षीय सोकेला तायांग अकेली मतदाता है। उन्हें अपने मताधिकार का प्रयोग करने के लिए मतदान अधिकारियों की टीम यहां पहुंचने के लिए 39 किमी की दूरी तय करेगी।
मालोगम में स्थापित किया जाएगा अस्थाई मतदान केंद्र
तायांग के लिए चीन की सीमा के पास स्थित गांव में एक अस्थाई मतदान केंद्र बनाया जाएगा। चुनाव अधिकारी के अनुसार, मालोगम में बहुत ही कम परिवार रहते हैं। तायांग को छोड़कर अन्य सभी मतदाता अन्य केंद्रों में पंजीकृत मतदाता हैं, लेकिन वह किसी अन्य मतदाता केंद्र में स्थानांतरित होने को तैयार नहीं है।
तायांग हुलियांग विधानसभा सीट और पूर्वी अरुणाचल लोकसभा सीट से मतदाता है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी लिकेन कोयू ने बताया, हुलियांग से मालोगम की पैदल यात्रा में पूरा एक दिन लगता है। सभी के पास मतदान करने का अधिकार है। चाहे स्थान कितना भी दूर क्यों न हो। उन्होंने आगे कहा, "मतदान के दिन चुनाव टीम को सुबह सात बजे से शाम के पांच बजे तक बूथ में ही रहना पड़ सकता है, क्योंकि हमें नहीं मालूम कि तायांग अपना वोट डालने कब आएंगी।"
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मालोगम से अकेली मतदाता है तायांग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पवन कुमार ने कहा, "यह हमेशा केवल एक संख्या नहीं होता है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिकों को उनकी आवाज सुनाई दे। तायांग का वोट समानता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।"
तायांग के बच्चे दूसरी जगह पढ़ते हैं। उन्होंने (तायांग) कहा, "मैं बहुत कम अपने गांव में रहती हूं। मैं यहां कुछ काम या फिर चुनाव के दौरान आती हूं। मैं लोहित जिले के वकरो में रहती हूं, वहां मेरे पास खेत है।" पिछली लोकसभा चुनाव के दौरान मालोगम से दो मतदाता थे, जिसमें दूसरा मतदाता तायांग का पति जेनेलम तायांग था। हालांकि, बाद में जेनेलम तायांग ने अपना नाम अन्य मतदाता केंद्र में स्थानांतरित कर दिया था।
सोकेला तायांग ने कहा, "हम 15 साल से अलग रह रहे हैं। मुझे नहीं मालूम की वर्तमान में वह कहां रहते हैं।" उन्होंने बताया कि वह 18 अप्रैल की शाम को मतदान के लिए अपने गांव पहुंचेगी। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में 19 अप्रैल को एक चरण में चुनाव होने वाला है। देशभर में नतीजे चार जून को जारी होंगे।
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मालोगम में स्थापित किया जाएगा अस्थाई मतदान केंद्र
तायांग के लिए चीन की सीमा के पास स्थित गांव में एक अस्थाई मतदान केंद्र बनाया जाएगा। चुनाव अधिकारी के अनुसार, मालोगम में बहुत ही कम परिवार रहते हैं। तायांग को छोड़कर अन्य सभी मतदाता अन्य केंद्रों में पंजीकृत मतदाता हैं, लेकिन वह किसी अन्य मतदाता केंद्र में स्थानांतरित होने को तैयार नहीं है।
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तायांग हुलियांग विधानसभा सीट और पूर्वी अरुणाचल लोकसभा सीट से मतदाता है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी लिकेन कोयू ने बताया, हुलियांग से मालोगम की पैदल यात्रा में पूरा एक दिन लगता है। सभी के पास मतदान करने का अधिकार है। चाहे स्थान कितना भी दूर क्यों न हो। उन्होंने आगे कहा, "मतदान के दिन चुनाव टीम को सुबह सात बजे से शाम के पांच बजे तक बूथ में ही रहना पड़ सकता है, क्योंकि हमें नहीं मालूम कि तायांग अपना वोट डालने कब आएंगी।"
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मालोगम से अकेली मतदाता है तायांग
मुख्य निर्वाचन अधिकारी पवन कुमार ने कहा, "यह हमेशा केवल एक संख्या नहीं होता है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक नागरिकों को उनकी आवाज सुनाई दे। तायांग का वोट समानता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।"
तायांग के बच्चे दूसरी जगह पढ़ते हैं। उन्होंने (तायांग) कहा, "मैं बहुत कम अपने गांव में रहती हूं। मैं यहां कुछ काम या फिर चुनाव के दौरान आती हूं। मैं लोहित जिले के वकरो में रहती हूं, वहां मेरे पास खेत है।" पिछली लोकसभा चुनाव के दौरान मालोगम से दो मतदाता थे, जिसमें दूसरा मतदाता तायांग का पति जेनेलम तायांग था। हालांकि, बाद में जेनेलम तायांग ने अपना नाम अन्य मतदाता केंद्र में स्थानांतरित कर दिया था।
सोकेला तायांग ने कहा, "हम 15 साल से अलग रह रहे हैं। मुझे नहीं मालूम की वर्तमान में वह कहां रहते हैं।" उन्होंने बताया कि वह 18 अप्रैल की शाम को मतदान के लिए अपने गांव पहुंचेगी। बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में 19 अप्रैल को एक चरण में चुनाव होने वाला है। देशभर में नतीजे चार जून को जारी होंगे।