फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Election Commission tells court- cannot stop people from political comments on social media

चुनाव आयोग ने अदालत से कहा- सोशल मीडिया पर लोगों को राजनीतिक टिप्पणियां करने से नहीं रोक सकते

Fri, 11 Jan 2019 05:13 PM IST
अमर शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: अमर शर्मा Updated Fri, 11 Jan 2019 05:13 PM IST
विज्ञापन
Election Commission tells court- cannot stop people from political comments on social media
सोशल मीडिया चुनाव पर अभियान
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बंबई उच्च न्यायालय से कहा कि वह लोगों को मतदान से पहले 48 घंटे की समयावधि के दौरान किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में सोशल मीडिया पर राजनीतिक टिप्पणियां या पोस्ट करने से नहीं रोक सकता।
विज्ञापन


आयोग ने अपने वकील प्रदीप राजगोपाल के जरिये सागर सूर्यवंशी नाम के अधिवक्ता द्वारा दायर जनहित याचिका पर यह जवाब दिया।

याचिका में आयोग को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि नेताओं और निजी व्यक्तियों सहित सभी लोगों को मतदान से पहले के 48 घंटों के दौरान यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर राजनीति या चुनाव या ‘पेड’ राजनीतिक सामग्री से संबंधित विज्ञापन डालने से रोका जाए।
विज्ञापन


आयोग ने मुख्य न्यायाधीश नरेश पाटिल और न्यायमूर्ति एन एम जामदार की पीठ से कहा कि नेताओं और राजनीतिक दलों को मतदान वाले दिन से पहले 48 घंटे के दौरान किसी भी तरह के राजनीतिक विज्ञापनों या प्रचार में शामिल होने पर रोक संबंधी नियम पहले से मौजूद हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिवक्ता राजगोपाल ने कहा कि जन प्रतिनिधित्व कानून, 1951 की धारा 126 मतदान से पहले 48 घंटे के दौरान सार्वजनिक सभाओं, जुलूस, प्रचार पर रोक लगाती है।

उन्होंने अदालत से कहा कि मतदान से ठीक पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिये ‘पेड’ राजनीतिक सामग्री और विज्ञापनों का प्रदर्शन भी कानून के तहत निषेध है और सोशल मीडिया पर पोस्ट भी इन पाबंदियों में आते हैं।

राजगोपाल ने कहा, ‘‘हालांकि, अगर कोई व्यक्ति निजी तौर पर ब्लॉग या ट्विटर पोस्ट डालकर किसी राजनीतिक दल या इसकी नीतियों की प्रशंसा करता है तो चुनाव आयोग उसे कैसे रोक सकता है।’’ 


याचिकाकर्ता के वकील अभिनव चंद्रचूड़ ने हालांकि पीठ से कहा कि फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइटों की ब्रिटेन और अमेरिका में विज्ञापन नीतियां हैं जहां सभी विज्ञापनों तथा ‘पेड’ सामग्री को कड़ाई से सत्यापन प्रक्रिया से गुजारा जाता है। उन्होंने दलील दी कि भारत में भी इसी तरह की नीति लागू होनी चाहिए।

पीठ ने दोनों पक्षों को मतदान से पहले सोशल मीडिया पर ‘पेड’ राजनीतिक सामग्री के नियमन के तरीकों पर सुझाव देने का निर्देश दिया। (इनपुट:भाषा)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed