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Lok Sabha: चुनाव आयोग ने कहा- अधिकारियों का तबादला उसी संसदीय क्षेत्र में न हो, इन अफसरों का होगा ट्रांसफर

Sun, 25 Feb 2024 05:56 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 25 Feb 2024 05:56 AM IST
सार

लोकसभा चुनाव की तारीखों को लेकर लग रहे कयासों के बीच आयोग का उत्तर प्रदेश दौरा 29 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा। इस दौरान आयोग राज्य में चुनावी तैयारियों के साथ प्रशासनिक तैयारियों और मौजूदा हालात का जायजा लेगा। पिछली बार 11 मार्च को 7 चरणों में लोकसभा चुनावों की घोषणा हुई थी।

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Election Commission said officers not transfer in same parliamentary constituency ahead Lok Sabha
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार। - फोटो : Social Media

विस्तार

निर्वाचन आयोग ने राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जिन अधिकारियों का किसी जिले से तबादला चुनाव के पहले उसकी नीति के तहत किया जाता है उनकी नियुक्ति उसी संसदीय क्षेत्र में किसी जिले में नहीं हो। चुनाव से पहले अधिकारियों को स्थानांतरित करने की अपनी नीति में बदलाव करके निर्वाचन आयोग ने उन खामियों को दूर करने की कोशिश की है, जिनका राज्य सरकारों की ओर से कथित तौर पर फायदा उठाया जा रहा था। यह कदम आयोग की ओर से उन मामलों पर गंभीरता से ध्यान देने के बाद उठाया गया है, जिनमें राज्य सरकारों की ओर से अधिकारियों को उसी संसदीय क्षेत्र के निकटवर्ती जिलों में स्थानांतरित किया गया था। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार की अगुवाई में निर्वाचन आयोग ने राज्यों से कहा है कि नीति का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए सिर्फ अनुपालन का दिखावा भर नहीं होना चाहिए।

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यूपी में आयोग का दौरा 29 से 2 मार्च तक
लोकसभा चुनाव की तारीखों को लेकर लग रहे कयासों के बीच आयोग का उत्तर प्रदेश दौरा 29 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा। इस दौरान आयोग राज्य में चुनावी तैयारियों के साथ प्रशासनिक तैयारियों और मौजूदा हालात का जायजा लेगा। पिछली बार 11 मार्च को 7 चरणों में लोकसभा चुनावों की घोषणा हुई थी।

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मतदाताओं को चुनावी वादों की व्यावहारिकता के बारे में जानने का अधिकार : राजीव कुमार
मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि मतदाताओं को राजनीतिक पार्टियों की ओर से किए गए वादों की व्यावहारिकता के बारे में जानने का अधिकार है। उन्होंने हालांकि यह स्पष्ट भी किया कि यह मुद्दा न्यायालय में विचाराधीन है। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि राजनीतिक पार्टियों को अपने चुनावी घोषणापत्र में वादे करने का अधिकार है और मतदाताओं को यह जानने का पूरा अधिकार है कि ये वादे असली है या नहीं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसपर किए गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा, प्रवर्तन निदेशालय को सतर्क रहने और नकदी और मुफ्त वस्तुओं के वितरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन (एनपीसीआई) को भी ऑनलाइन लेनदेन पर नजर रखने को कहा गया है। फेक न्यूज के सवाल पर कुमार ने कहा, आज फेक न्यूज ऐसे चल रही जैसे कि आज आपने बताया कि चुनाव की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। हालांकि, इस खबर को आधे घंटे के भीतर ही फेक न्यूज बता दिया गया है। 

ज्यादातर राजनीतिक दलों ने एक चरण में चुनाव की मांग की
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि ज्यादातर पार्टियों ने एक ही चरण में चुनाव कराने की मांग की है। पिछले दो दिनों में राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक करने के बाद राजीव कुमार ने कहा कि अधिकांश पार्टियों ने उन्हें सूचित किया कि कई पार्टियों ने मतदाताओं को वितरण के लिए धन जमा करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, हमने कई राष्ट्रीय पार्टियों जैसे भाजपा, कांग्रेस और राज्य की पार्टियों जैसे डीएमके, एआईडीएमके से मुलाकात की। उनमें से अधिकतर ने एक चरण में चुनाव कराने की मांग की है।

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