EVM पर महासंग्राम: केजरीवाल-मायावती के सवालों पर EC ने दिए ये जवाब
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पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम के बाद से ईवीएम पर सियासी महासंग्राम हो रहा है। पहले बसपा फिर आम आदमी पार्टी ने चुनावों में हार का ठीकरा ईवीएम के सिर फोड़ा। लगे हाथ कांग्रेस ने भी ईवीएम को लेकर सवाल उठाए।
ईवीएम को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहे सियासी घमासान में बुधवार को तब एक नया मोड़ आ गया जब अरविंद केजरीवाल ने ईवीएम के साथ-साथ पर्ची वाली ईवीएम (वीवीपीएटी) को भी निशाने पर ले लिया। उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि पर्ची वाली ईवीएम की स्लिप और मशीन में दर्ज होने वाले आंकड़ों को मिलाया जाए।
(वीवीपीएटी यानी वो ईवीएम जिसमें वोट देने के बाद एक स्लिप निकलती है जिसपर आप यह देख सकते हैं कि आपने किस प्रत्याशी को वोट दिया है)
इस बीच पर्ची वाली ईवीएम से जुड़े कुछ आंकड़े मीडिया की सुर्खियों में बने हुए हैं। इन आंकड़ों में उन 30 सीटों को जिक्र किया गया है जिनमें पर्ची वाली ईवीएम का इस्तेमाल किया गया है। आंकड़ों के मुताबिक यूपी में जिन 30 सीटों पर पर्ची वाली ईवीएम से चुनाव कराया गया उनमें से 25 सीटें बीजेपी ने जीती हैं।
बसपा और आप के आरोप
बसपा सुप्रीमो मायावती ने यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत को घोटाले वाली जीत करार दिया था। मायावती ने आरोप लगाए कि यूपी में ईवीएम को मैनेज किया गया था। इसलिए भाजपा को तीन सौ से ज्यादा सीटें हासिल हुईं।
हालांकि मायावती के इन आरोपों को चुनाव आयोग ने सिरे से नकार दिया। वहीं दूसरी ओर केजरीवाल ने भी पंजाब में भाजपा पर ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगाया। केजरीवाल ने कहा ईवीएम से यह मुमकिन है कि आप के 20-25 प्रतिशत वोट शेयर शिरोमणि अकाली दल और भाजपा गठबंधन को चला जाए।
केजरीवाल ने ये भी कहा कि चुनाव आयोग को चाहिए कि वो वीवीपीएटी में से निकलने वाले स्लिप्स के आधार पर चैक करे कि पंजाब में किया गया मतदान सही है या नहीं। इससे चुनाव आयोग पर लोगों का विश्वास बढ़ेगा।
ईवीएम : राजनीतिक दलों की आशंकाएं और चुनाव आयोग की सफाई
- जुलाई, 2009 में कई राजनीतिक दलों ने आगामी विधानसभा चुनावों में ईवीएम की जगह फिर से मतपत्र के इस्तेमाल की मांग की थी। भाजपा के साथ ही माकपा, लोजपा, राजद और जनता दल (एस) ने भी मतपत्र के इस्तेमाल की मांग की थी।
- तब कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि यह चुनाव में हारी हुई पार्टियों का हैरत में डालने वाला बयान है।
- हालांकि आयोग ने ईवीएम पर भरोसा जताते हुए कहा था कि विभिन्न दलों की चिंताओं को दूर करने के लिए उचित कदम उठाएगा।
- अगस्त, 2009 में चुनाव आयोग ने कहा कि आरोप लगाने वाले विशेषज्ञों के सामने यह साबित नहीं कर पाये कि ईवीएम से छेड़छाड़ कैसे संभव है?
- अगस्त, 2009 में मुख्य चुनाव आयुक्त नवीन चावला ने साफ किया कि ईवीएम टैंपर प्रूफ (छेड़छाड़ रोधी) थीं और हैं।
- दिसंबर, 2009 में चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि ईवीएम सौ नहीं हजार फीसदी विश्वसनीय हैं।
- 11 मार्च, 2017 को पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा की हुई जीत पर शंका जाहिर करते हुए कहा था कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की है।
यूपी की इन सीटों पर हुए वीवीपीएटी से चुनाव, जानिए किसे मिली जीत
AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल के आरोपों से अलग इस बार उत्तर प्रदेश की 30 विधानसभा सीटों पर भी निर्वाचन आयोग ने वीवीपीएटी मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
इन 30 विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम पर नजर डालें तो बीजेपी को इन 30 सीटों में से 25 पर जीत हासिल हुई है।
यूपी की इन विधानसभा सीटों के चुनाव परिणाम विपक्ष के उन आरोपों को सिरे से नकार रहे हैं जिसमें कहा गया है कि ईवीएम के साथ इन चुनावों में छेड़छाड़ की गई है।