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Shiv Sena: शिवसेना के शिंदे गुट को चुनाव चिह्न आवंटित, चुनाव आयोग ने 'बालासाहेबंची शिवसेना' को दिया यह निशान
Tue, 11 Oct 2022 07:40 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 11 Oct 2022 07:40 PM IST
सार
आयोग ने कहा कि उसने ‘दो तलवारें और एक ढाल’ को एक स्वतंत्र चुनाव चिह्न घोषित करने का फैसला किया है। मौजूदा उपचुनाव में शिंदे के नेतृत्व वाले समूह को यह आवंटित किया है। शिंदे गुट ने चुनाव चिह्न के लिए ‘पीपल का पेड़', 'तलवार और ढाल' तथा 'सूर्य' को विकल्प बताया था।
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एकनाथ शिंदे
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत के चुनाव आयोग ने शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया है। शिंदे गुट को चुनाव चिह्न के रूप में 'दो तलवारें और ढाल' आवंटित किया गया है। उन्हें बीते दिन यानी सोमवार को 'बालासाहेबंची शिवसेना' नाम दिया गया था।
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अगर यह गुट अगर अंधेरी पूर्व विधानसभा सीट के लिए तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव में उतरने का फैसला करता है तो वह ‘दो तलवार और एक ढाल’ चुनाव चिह्न का इस्तेमाल कर सकेगा। आयोग ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे पत्र में यह जानकारी दी।
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आयोग ने कहा कि उसने ‘दो तलवारें और एक ढाल’ को एक स्वतंत्र चुनाव चिह्न घोषित करने का फैसला किया है। मौजूदा उपचुनाव में शिंदे के नेतृत्व वाले समूह को यह आवंटित किया है। शिंदे गुट ने चुनाव चिह्न के लिए ‘पीपल का पेड़', 'तलवार और ढाल' तथा 'सूर्य' को विकल्प बताया था।
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इससे पहले नाम और सिंबल की इस लड़ाई में चुनाव आयोग ने हाल में होने वाले उपचुनाव की बाबत उद्धव ठाकरे गुट को नया नाम और पार्टी सिंबल दे दिया था। उद्धव गुट को मशाल चुनाव चिह्न के लिए मंजूरी मिली थी। इस गुट का नाम अब शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे होगा।
उद्धव गुट को इसलिए मिला मशाल चुनाव चिह्न
उद्धव गुट को 'त्रिशूल' का चिह्न इसलिए नहीं मिला क्योंकि इसका धार्मिक संकेत है। 'उगता सूरज' इसलिए नहीं मिला क्योंकि यह द्रमुक के पास है। 'मशाल' चुनाव चिह्न 2004 तक समता पार्टी के पास था। उसके बाद से यह किसी को आवंटित नहीं था, इसलिए यह चिह्न उद्धव गुट को दिया गया है।