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राहुल पर जेटली का हमला, कहा- रक्षा सौदागर बनने की ख्वाहिश रखने वाला पीएम बनना चाहता है

Sat, 04 May 2019 05:18 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Gaurav Pandey Updated Sat, 04 May 2019 05:18 PM IST
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Election : Arun jaitley said defence deal pusher Rahul Gandhi wants to be Prime Minister now
वित्त मंत्री अरुण जेटली - फोटो : पीटीआई

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर फिर निशाना साधा है। राहुल गांधी के बिजनेस पार्टनर को यूपीए के शासन में रक्षा सौदा मिलने के आरोप पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'यह एक ऐसे आदमी की कहानी है जो कभी रक्षा सौदे को आगे बढ़ाने वाला बनना चाहता था और अब देश का पीएम बनना चाहता है। यह एक गंभीर आरोप है।'



जेटली ने आगे कहा, 'हालांकि, उलरिक मैकनाइट (राहुल गांधी के बिजनेस पार्टनर) एक अमेरिकी नागरिक हैं, लेकिन साथ ही वह राहुल जी की 'सोशल गैंग' के सदस्य भी हैं।' केंद्रीय वित्त मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि स्कॉर्पीन पनडुब्बी सौदे में जिस कंपनी को आफसेट कांट्रैक्ट मिला है, वह राहुल गांधी की एक कंपनी में साझीदार है। जेटली ने कहा कि बिना सुबूत के प्रधानमंत्री के खिलाफ आरोप लगाने वाले कांग्रेस अध्यक्ष 'खुद आफसेट का लाभ लेने वाले निकले।

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जेटली ने सवाल उठाया कि किस तरह साल 2002 में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नाम से भारत में बैकअप्स प्राइवेट लिमिटेड और एक साल बाद लंदन में इसी नाम से दूसरी कंपनी बनाई जाती है। लंदन की कंपनी में उनके साझीदार उलरिक मैक्नाइट वैसे तो अमेरिकी नागरिक हैं, लेकिन गोवा के एक कांग्रेसी नेता के दामाद भी हैं। आरोप है कि लंदन की इसी कंपनी के सालाना रिटर्न में राहुल गांधी की ओर से ब्रिटिश नागरिक होने की बात कही गई थी।


जेटली ने कहा कि राहुल गांधी के पार्टनर उलरिक मैक्नाइट से जुड़ी कंपनी को फ्रांसीसी कंपनी के साथ हुई स्कॉर्पीन पनडुब्बी सौदे का आफेसट कांट्रैक्ट मिला था। अब कांग्रेस अध्यक्ष खुद बताएं कि स्कॉर्पीन डील में अपने साझीदार को कांट्रैक्ट दिलाने में उनका आकलन कैसे किया जाए। एक तरफ वे सीएजी और सुप्रीम कोर्ट के क्लीन चिट मिलने के बाद भी वे बिना सुबूत राफेल सौदे में प्रधानमंत्री के खिलाफ आरोप लगाते जा रहे हैं, दूसरी तरफ उनकी कंपनी में साझीदार आफसेट में भागीदार बन जाते हैं।

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