Assembly Election Updates: बंगाल में पहले चरण में 93.19% मतदान; कदाचार के आरोपी पांच पुलिस अफसर निलंबित
बंगाल में पहले चरण के मतदान के बाद भाजपा उत्साहित है। असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि इस बार बंगाल में भाजपा 200 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। चुनाव से जुड़े तमाम अपडेट्स पढ़ें इस खबर में
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान प्रतिशत ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, इस चरण में 93.19% मतदाताओं ने वोट डाले। यह राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 विधानसभा सीटों पर संपन्न हुआ। कुल 3.61 करोड़ मतदाताओं में से 3.36 करोड़ मतदाताओं ने अपने वोट डाले। इनमें 1.65 करोड़ महिला मतदाता और 1.71 करोड़ पुरुष मतदाता शामिल थे।
गंभीर कदाचार पर चुनाव आयोग ने पांच पुलिस अफसरों को निलंबित किया
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल सरकार को डायमंड हार्बर में पांच पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने का आदेश दिया है। यह आदेश गंभीर कदाचार और निष्पक्षता बनाए रखने में विफल रहने के कारण दिया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि राज्य के मुख्य सचिव को भेजे गए संदेश में चुनाव आयोग ने कहा कि यह कार्रवाई पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) की ओर से पुलिसकर्मियों के आचरण के संबंध में सौंपी गई एक रिपोर्ट के आधार पर की गई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संदीप गराई, एसडीपीओ सजल मंडल, डायमंड हार्बर पुलिस थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज मौसम चक्रवर्ती, फलता पुलिस थाने के इंस्पेक्टर-इन-चार्ज अजय बाग और उस्थी पुलिस थाने के ऑफिसर-इन-चार्ज शुभेच्छा बाग को निलंबित करने का निर्देश दिया गया है। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद, आयोग निर्देश देता है कि इन अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर दिया जाए और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान उनके गंभीर कदाचार तथा निष्पक्षता बनाए रखने में उनकी विफलता के लिए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए।
चुनाव आयोग ने राज्य सरकार को यह भी निर्देश दिया कि वह आईपीएस अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गराई के संबंध में एक रिपोर्ट गृह मंत्रालय में उनके कैडर नियंत्रक प्राधिकारी को भेजे। आयोग ने राज्य सरकार से डायमंड हार्बर की पुलिस अधीक्षक ईशानी पाल को चुनाव संबंधी कर्तव्यों में अधीनस्थ अधिकारियों के बीच अनुशासन और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने के लिए चेतावनी जारी करने को कहा। आयोग ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि वे इन निर्देशों को तत्काल लागू करें।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अभी दूसरे चरण का मतदान हुआ भी नहीं हुआ है कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विधायकों की खरीद-फरोख्त का डर सताने लगा है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममत बनर्जी ने भवानीपुर में प्रचार के दौरान भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आशंका जताई कि अगर चुनाव में तृणमूल को मामूली बहुमत मिलता है, तो भाजपा 'विधायकों की खरीद-फरोख्त' की कोशिश कर सकती है। ममता बनर्जी ने कहा कि पहले चरण में जिन 152 सीटों पर मतदान हुआ, वहां उनकी पार्टी को बढ़त मिली है। उन्होंने दावा किया, पहले चरण में हम 100 सीटों के पार हैं। अब बाकी सीटों पर भी अगर लोग मतदान करेंगे, तो हम दो-तिहाई बहुमत हासिल कर सकते हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि तृणमूल को स्पष्ट और मजबूत जनादेश दिया जाए, ताकि किसी भी तरह की राजनीतिक खरीद-फरोख्त की गुंजाइश न रहे। ममता ने कहा कि अगर बहुमत कम हुआ, तो ये लोग खरीद-फरोख्त कर सकते हैं, जैसा पहले अन्य राज्यों में हुआ है।
केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार का पलटवार
ममता बनर्जी के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और 'खरीद-फरोख्त' का सवाल ही नहीं उठता। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा, ममता बनर्जी समझ चुकी हैं कि उन्हें बहुमत नहीं मिल रहा है, इसलिए वे इस तरह के बयान दे रही हैं। इस बार भाजपा ही स्पष्ट बहुमत के साथ सरकार बनाएगी और इसे कोई रोक नहीं सकता।चुनाव के इस दौर में दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। वहीं, पहले चरण के बाद राजनीतिक समीकरणों को लेकर भी सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है।
टीएमसी नेता सयोनी घोष की टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, 'काबा और मदीना की बात करने वालों को स्थायी रूप से काबा और मदीना में ही बस जाना चाहिए। भारत में आप अयोध्या की बात कर सकते हैं। आप अजमेर शरीफ की बात कर सकते हैं; इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन क्या आप काबा और मदीना की बात कर रहे हैं? इन लोगों को मानसिक समस्या है।'
पश्चिम बंगाल में मांसाहारी भोजन के मुद्दे पर वे कहते हैं, 'एक बार उन्हें मेरे साथ बैठकर खाने दीजिए। मैं देखूंगा कि वे मुझसे ज्यादा खाते हैं या मैं उनसे एक किलो ज्यादा खाऊंगा। 4 तारीख को हम माछेर झोल खाने वाले हैं।'
सांसद अभिषेक बनर्जी की टिप्पणी पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, 'अभिषेक जी को अमित शाह जी को चुनौती देने की जरूरत नहीं है। नतीजे 4 तारीख को आ जाएंगे। अभिषेक 6 तारीख को दुबई जाएंगे। आप एक गुंडे के लिए किस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे? अमित शाह कह रहे हैं कि वो गुंडों को फांसी देंगे? क्या आप एक गुंडे से प्यार करना चाहते हैं? ममता दीदी तो गुंडे के लिए भी प्यार भरे शब्दों का इस्तेमाल करती हैं। हम ऐसा नहीं करते.। भाजपा को वोट दें, बदलाव लाएं, सोनार बांग्ला बनाएं। '
पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ टीएमसी नेता और मंत्री फिरहाद हकीम की संपत्ति पिछले पांच वर्षों में 69% बढ़ी है। 2026 के विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी संपत्ति 13.34 करोड़ रुपये से 22.57 करोड़ रुपये हो गई है। उनकी घोषित वार्षिक आय में भी भारी उछाल आया है। यह 2021 में 65.87 लाख रुपये थी और अब 160% की वृद्धि के साथ 1.71 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
हलफनामे के मुताबिक, हकीम की देनदारियां भी इस दौरान लगभग दोगुनी होकर 83.79 लाख रुपये से 1.62 करोड़ रुपये हो गई हैं। कोलकाता पोर्ट सीट से चुनाव लड़ रहे हकीम ने अपनी आय का स्रोत व्यवसाय, समाज सेवा और राजनीति को बताया है, जबकि उनकी संपत्ति में बढ़ोतरी का मुख्य कारण बैंक डिपॉजिट, निवेश और अचल संपत्तियों की कीमतों में वृद्धि है। इसके अतिरिक्त, उनके कानूनी प्रोफाइल में भी बदलाव आया है, जहां 2021 में उनके खिलाफ एक लंबित आपराधिक मामला था, वहीं 2026 के हलफनामे में अब दो लंबित मामलों का उल्लेख है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने शनिवार को कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि इस बार बंगाल में भाजपा की सुनामी है और पार्टी विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। अगर ऐसा हुआ तो इसमें चौंकाने वाली बात नहीं होनी चाहिए। मैंने बंगाल में 2016 और 2019 में भी चुनाव में प्रचार किया, लेकिन इस बार भाजपा को लेकर जनता को जो रुख है, वो पहले कभी नहीं देखा। लोग अब खुलकर भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। जिन लोगों के मन में पहले संदेह भी था, वो पहले चरण के बाद माहौल बदल गया है। लोगों को अब लगता है कि इस बार बंगाल में भाजपा की जीत होगी।
दार्जिलिंग सांसद राजू बिष्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को 170 से 180 सीटें मिलने का भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के कारण जनता में बदलाव की लहर है। बिष्ट के अनुसार, पहले चरण की 152 सीटों में से भाजपा को करीब 110 सीटें मिल सकती हैं। साथ ही, उन्होंने 2026 तक दार्जिलिंग पहाड़ियों के लिए स्थायी राजनीतिक समाधान की बात भी दोहराई।
गंगटोक पहुंचे बिष्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27-28 अप्रैल की सिक्किम यात्रा की तैयारियों का जायजा लिया। यह दौरा सिक्किम के राज्यत्व के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हो रहा है। उन्होंने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे राज्य के विकास को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। संबित पात्रा सहित कई वरिष्ठ नेता इस कार्यक्रम के समन्वय के लिए सिक्किम में मौजूद हैं।
तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर बड़ी भविष्यवाणी की है। पहले चरण के मतदान के बाद उन्होंने दावा किया कि टीएमसी 100 सीटों का आंकड़ा पार कर चुकी है। अभिषेक ने कहा कि वह बिना आधार के कोई बात नहीं करते और उनके आंकड़े बिल्कुल सटीक बैठेंगे।
अभिषेक बनर्जी के अनुसार, 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही टीएमसी 'डबल सेंचुरी' यानी 200 का आंकड़ा पार कर लेगी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी कि वे नतीजों के दिन तक बंगाल में ही रुकें। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली से आने वाले नेताओं को बंगाल की जनता सबक सिखाएगी।
आसनों से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल ने आरोप लगाया है कि चुनाव के दौरान उनके काफिले पर हमला किया गया। उनका कहना है कि रहमत नगर इलाके में टीएमसी समर्थकों ने उनकी गाड़ी पर पत्थर फेंके और शीशे तोड़ दिए। पॉल ने टीएमसी को गुंडों की पार्टी बताते हुए कहा कि वे डराने की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, टीएमसी ने इन आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। टीएमसी नेता सोहराब अली ने कहा कि यह हमला अग्निमित्रा पॉल की अपनी रची हुई साजिश या ड्रामा है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एक संदिग्ध को पकड़ा है जिससे सच सामने आ जाएगा। टीएमसी का दावा है कि बीजेपी सहानुभूति पाने के लिए ऐसे नाटक कर रही है।
उमर अब्दुल्ला ने चुनावी निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि असली खतरा ईवीएम से नहीं, बल्कि वोटर लिस्ट में हो रही गड़बड़ी से है। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में असली मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, ताकि चुनावी नतीजों को प्रभावित किया जा सके। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सांसदों की ओर से दिए गए नोटिस को सही ठहराते हुए कहा कि अब चुनाव आयोग को अपनी कार्यप्रणाली पर विचार करने की जरूरत है।
भाजपा नेता जेपी नड्डा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जब भी देश में निष्पक्ष चुनाव होते हैं, तो ममता जी को दर्द होना स्वाभाविक है। विपक्ष की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के नोटिस पर प्रतिक्रिया देते हुए नड्डा ने कहा कि चुनाव आयोग अपना काम ईमानदारी से कर रहा है। उन्होंने तंज कसा कि विपक्ष की बौखलाहट यह साफ बताती है कि निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया से उनकी जमीन खिसक रही है।
नड्डा ने पहले चरण के रिकॉर्ड मतदान को भाजपा के पक्ष में एकतरफा लहर बताया। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता भ्रष्टाचार, कोयला घोटाले और महिलाओं पर हो रहे अत्याचारों से तंग आ चुकी है और इस बार ममता सरकार को 'बाय-बाय' कहने का मन बना चुकी है। नड्डा ने कहा कि दिल्ली अभी बहुत दूर है, पहले बंगाल में अपनी जड़ें बचाएं, क्योंकि जनता इस बार टीएमसी को उखाड़ फेंकने के लिए तैयार है।
पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और श्रीरामपुर निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार शुभंकर सरकार की संपत्ति में पिछले एक दशक में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चुनाव हलफनामे के अनुसार, शुभंकर सरकार की संपत्ति 10 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ गई है।
हलफनामे के मुताबिक, सरकार ने अपनी वर्तमान कुल संपत्ति 14.4 करोड़ रुपये घोषित की है। तुलनात्मक रूप से देखें तो 2016 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनकी संपत्ति 4.35 करोड़ रुपये थी, जिसमें अब तक 231 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, 2021 के चुनाव में उन्होंने अपनी संपत्ति 7.42 करोड़ रुपये बताई थी, यानी पिछले पांच वर्षों में इसमें लगभग 94 प्रतिशत का उछाल आया है।
66 वर्षीय शुभंकर सरकार ने हलफनामे में अपनी शैक्षणिक योग्यता स्नातक बताई है। राहत की बात यह है कि उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। हालांकि, हलफनामे में संपत्ति में हुई इस अचानक और बड़ी वृद्धि के सटीक कारणों को नहीं बताया गया है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा कहते हैं, 'लोग डर के मारे वोट नहीं देते। वे तभी वोट देते हैं जब वे बदलाव चाहते हैं। लोग बदलाव के लिए वोट दे रहे हैं। उन्होंने सोनार बांग्ला के लिए वोट दिया। प्रवासी बंगाली आए हैं; यह अच्छी बात है। लेकिन बांग्लादेशी मुसलमानों ने डर के मारे वोट दिया, और हमारे समुदाय के लोगों ने बदलाव के लिए वोट दिया। भाजपा सरकार के तहत एक भी बांग्लादेशी हिंदू डरा हुआ नहीं है। डरने का कोई कारण नहीं है। अगर हिंदू भारत में सुरक्षित नहीं हैं, तो वे कहां सुरक्षित रहेंगे?'