Election 2024: बिहार-महाराष्ट्र में क्यों अटके भाजपा के टिकट? राजस्थान-यूपी में फंसा है पेंच, ये हैं बड़े कारण
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चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर दिया है। इस बीच भाजपा और कांग्रेस ने बची हुई सीटों पर उम्मीदवारों को उतारने के लिए बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। भाजपा अब तक 267 सीटों पर प्रत्याशी उतार चुकी है। जबकि अभी भी कई सीटों पर मौजूदा सांसदों और मंत्रियों के टिकट रुके हुए हैं। बिहार जैसे राज्यों में गठबंधन की वजह से मामला अटका हुआ है। महाराष्ट्र की भी कुछ सीटों पर फैसला बाकी है। इसी तरह ओडिशा में भी गठबंधन होगा या नहीं इसे लेकर भी मामला फंसा हुआ है। जबकि तमिलनाडु में भाजपा अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी हुई है। पार्टी पहले सहयोगी रही एआईएडीएमके के गठबंधन तोड़ने के बाद यहां एआईएडीएमके के बागी नेताओं के संपर्क में है। यहां भी अभी भाजपा ने उम्मीदवारों का एलान नहीं किया है।
दरअसल, भाजपा को सबसे ज्यादा परेशानी बिहार को लेकर है। पार्टी ने अभी राज्य के लोकसभा प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। भाजपा की सहयोगी पार्टी एलान कर चुकी है कि वह 40 में से 16 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। जबकि चिराग पासवान भी कह चुके हैं कि उनकी पार्टी पांच सीटों पर चुनावी मैदान में उतरेगी। हालांकि चिराग के चाचा पशुपति पारस का कहना है कि बिहार में सीटों को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
इसी तरह महाराष्ट्र में भी कुछ सीटों को लेकर पेंच फंसा हुआ है। जिस वजह से कुछ सीटों पर उम्मीदवारों का एलान रोका गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन की बेटी और मौजूदा सांसद पूनम महाजन की लोकसभा सीट मुंबई-नॉर्थ सेंट्रल से उम्मीदवार का एलान अभी नहीं किया गया है।
भाजपा ने यूपी की 51 सीटों पर उम्मीदवारों का एलान कर चुकी है। गाजियाबाद से मौजूदा सांसद और मंत्री रिटायर्ड जनरल वीके सिंह की सीट पर अभी उम्मीदवार का एलान नहीं हुआ है। उनका टिकट फंसा हुआ माना जा रहा है। इसी तरह पार्टी ने यूपी की सुल्तानपुर सीट से भी उम्मीदवार का एलान नहीं किया है, वहां से मेनका गांधी सांसद हैं। उनके सांसद बेटे वरुण गांधी की सीट पीलीभीत पर भी उम्मीदवार के एलान का इंतजार है। इसी तरह राजस्थान से 15 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं, लेकिन जयपुर ग्रामीण और जयपुर शहर में पेंच फंसा हुआ है। यहां कांग्रेस से कई नेता भाजपा में शामिल हुए हैं और इसलिए उम्मीदवारों की संख्या बहुत बढ़ गई है।
ओडिशा में बीजू जनता दल से गठबंधन की बातचीत लगभग अंतिम दौर में है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा हो गई है। यहां भी सीट बंटवारे को लेकर पेंच फंसा हुआ है। भाजपा के स्थानीय नेता कह रहे हैं कि वे अपने दम पर यहां चुनाव लड़ेंगे। हालांकि अभी गठबंधन होगा या नहीं, इसका आधिकारिक एलान होना अभी बाकी है। ऐसे में ओडिशा में भी भाजपा के उम्मीदवारों का एलान बाकी है।