Election 2024: राहुल की 'शक्ति' पर मोदी का उपासना दांव, चुनाव में हुई साइलेंट वोटर से लेकर मुखौटा तक की एंट्री
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विस्तार
लोकसभा चुनाव की तारीखें घोषित होने के 48 घंटे बाद ही 'शक्ति' को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के बीच विवाद छिड़ गया है। पीएम मोदी और राहुल, दोनों ही 'शक्ति' का अलग अर्थ निकाल रहे हैं। जहां राहुल गांधी ने मुंबई के शिवाजी पार्क में 'शक्ति' को लेकर कहा, हिंदू धर्म में 'शक्ति' शब्द होता है। हम 'शक्ति' से लड़ रहे हैं। इसके बाद पीएम मोदी ने राहुल की शक्ति पर 'उपासना' दांव चल दिया। दोनों नेताओं की बयानबाजी से लोकसभा चुनाव में 'साइलेंट वोटर' से लेकर 'मुखौटा' तक की एंट्री हो गई। मोदी ने सोमवार को कर्नाटक के शिवमोगा में कहा, INDI अलायंस के लोग हिंदू धर्म में समाहित शक्ति को समाप्त करना चाहते हैं। हिंदू समाज, जिन्हें शक्ति मानता है, उस शक्ति के विनाश का एलान कर दिया है। अगर शक्ति विनाश का उनका एलान है, तो शक्ति उपासना का मेरा भी एलान है।
राजा की आत्मा ईवीएम में है, सही है
मुंबई के शिवाजी पार्क में विपक्षी गठबंधन ने रविवार को अपना घोषणा पत्र जारी किया था। वहीं पर राहुल गांधी ने 'शक्ति' के खिलाफ लड़ने का बयान दे दिया। उन्होंने यह भी कह दिया कि 'हिंदू' धर्म में 'शक्ति' शब्द होता है। आज हम शक्ति से लड़ रहे हैं। अब सवाल यह उठता है, वह शक्ति क्या है। जैसे किसी ने यहां कहा- राजा की आत्मा ईवीएम में है, सही है। हिंदुस्तान की हर संस्था में है। यहां पर राहुल गांधी ने संस्था का मतलब जांच एजेंसियां बताया। उन्होंने कहा, राजा की आत्मा ईडी में है, सीबीआई में है, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में है। इसके अगले दिन पीएम मोदी ने अपनी एक चुनावी रैली में 'शक्ति' के दूसरे ही रूप का उल्लेख किया।
उनकी लड़ाई 'शक्ति' के खिलाफ है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सोमवार को तीन राज्यों तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के चुनावी दौरे पर थे। तेलंगाना के जगतियाल में आयोजित जनसभा में मोदी ने INDI अलायंस की रैली में जारी हुए घोषणा पत्र का जिक्र किया। उस रैली में कहा गया, उनकी लड़ाई शक्ति के खिलाफ है। मेरे लिए तो हर मां-बेटी शक्ति का रूप है। मैं इनको शक्ति के रूप में ही पूजता हूं। मैं इनकी रक्षा के लिए जान की बाजी लगा दूंगा। यह बात यहीं पर खत्म नहीं हुई। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कर्नाटक के शिवमोगा में कहा, INDI अलायंस के लोग, हिंदू धर्म में समाहित शक्ति को समाप्त करना चाहते हैं। हिंदू समाज, जिन्हें शक्ति मानता है, उस शक्ति के विनाश का एलान कर दिया है।
चंद्रयान की सफलता भी शिव शक्ति
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ये उनका एलान है, तो शक्ति उपासना का मेरा भी एलान है। मोदी ने यह भी कह दिया, कई राजनीतिक जानकार कहते रहे हैं कि नारी शक्ति मोदी की साइलेंट वोटर हैं, लेकिन मेरे देश की नारी शक्ति वोटर नहीं, बल्कि मां शक्ति स्वरूपा है। इसके बाद मोदी ने कहा, हम सब शक्ति की आराधना करते हैं। हमने चंद्रयान की सफलता को भी शिव शक्ति नाम देकर शक्ति को समर्पित किया है। एक ओर शक्ति के विनाश की बात करने वाले लोग हैं। दूसरी ओर शक्ति की पूजा करने वाले लोग हैं। मुकाबला 4 जून को हो जाएगा कि कौन शक्ति का विनाश कर सकता है और कौन शक्ति का आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है।
राहुल बोले, शक्ति का अर्थ बदलने की कोशिश
सोमवार को पीएम मोदी द्वारा शक्ति को लेकर कही गई बात का राहुल गांधी ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मेरी बातें अच्छी नहीं लगतीं। वे किसी न किसी तरह, उन्हें घुमाकर उनका अर्थ बदलने की कोशिश करते हैं। वे जानते हैं कि मैंने एक गहरी सच्चाई बोली है। बतौर राहुल गांधी, जिस शक्ति का मैंने उल्लेख किया, जिस शक्ति से हम लड़ रहे हैं, उस शक्ति का मुखौटा मोदी जी हैं। वह एक ऐसी शक्ति हैं, जिसने आज, भारत की आवाज को, भारत की संस्थाओं को, सीबीआई, आईटी, ईडी को, चुनाव आयोग को, मीडिया को, भारत के उद्योग जगत को और भारत के समूचे संवैधानिक ढांचे को ही अपने चंगुल में दबोच लिया है। उसी शक्ति के लिए नरेंद्र मोदी भारत के बैंकों से हजारों करोड़ रुपये के कर्ज माफ कराते हैं। दूसरी तरफ, भारत का किसान कुछ हजार रुपयों का कर्ज न चुका पाने पर आत्महत्या करता है। उसी शक्ति को भारत के बंदरगाह, भारत के हवाई अड्डे दिये जाते हैं।
देश की संपत्ति को नीलाम करते हैं
राहुल गांधी ने पीएम मोदी के 'शक्ति' पर दिए गए बयान पर कहा, भारत के युवा को अग्निवीर का तोहफा दिया जाता है। इससे युवाओं की हिम्मत टूट जाती है। उसी शक्ति को दिन रात सलामी ठोकते हुए देश की मीडिया सच्चाई को दबा देती है। उसी शक्ति के अंतर्गत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के गरीब पर जीएसटी थोपते हैं। महंगाई पर लगाम न लगाते हुए, उस शक्ति को बढ़ाने के लिए देश की संपत्ति को नीलाम करते हैं। उस शक्ति को मैं पहचानता हूं, उस शक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहचानते हैं। वह किसी प्रकार की कोई धार्मिक शक्ति नहीं है, वह अधर्म, भ्रष्टाचार और असत्य की शक्ति है। राहुल ने कहा, इसलिए जब जब मैं उसके खिलाफ आवाज उठाता हूं, मोदी और उनकी झूठों की मशीन बौखलाती है, भड़क जाती है।