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Election: छत्तीसगढ़ में महादेव एप तो मध्य प्रदेश में वायरल वीडियो, मतदान पर कितना असर डालेंगे ये मुद्दे?
Wed, 15 Nov 2023 02:46 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Wed, 15 Nov 2023 02:46 PM IST
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भाजपा-कांग्रेस
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Social Media
विस्तार
छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण के लिए 70 सीटों पर तो वहीं मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों के लिए होने वाले विधानसभा चुनाव का प्रचार बुधवार शाम को थम जाएगा। इससे पहले दोनों राज्यों में विपक्ष ने सत्ताधारी दल के खिलाफ आक्रामक प्रचार किया और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। छत्तीसगढ़ में राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ भाजपा ने महादेव एप घोटाले का मुद्दा उठाया। वहीं, मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे देवेंद्र तोमर के वायरल वीडियो को लेकर भाजपा को घेरा।ऐसे में हमें जानना चाहिए कि आखिर छत्तीसगढ़ और एमपी के कथित भ्रष्टाचार और घूसखोरी का मुद्दा क्या है? चुनाव प्रचार के अंतिम दिनों में ये मुद्दे कैसे चर्चा में आए? अपने खिलाफ आरोपों पर जवाब क्या दिए गए हैं? दोनों मामलों में आगे क्या होगा? आइये जानते हैं...
MP Election 2023
- फोटो :
अमर उजाला, इंदौर
मध्य प्रदेश
नरेंद्र तोमर के बेटे देवेंद्र से जुड़ा मुद्दा क्या है?
नवंबर के शुरुआती हफ्ते में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह का पैसे की लेनदेन को लेकर एक कथित वीडियो वायरल हुआ। इस वायरल वीडियो को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया समन्वय पियूष बबेले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। इस वीडियो के हवाले से कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देवेंद्र तोमर फोन पर किसी बड़े कारोबारी से करोड़ रुपए की लेनदेन को लेकर बातचीत कर रहे हैं। वीडियो में वह व्यक्ति ट्रांजैक्शन के लिए अलग-अलग कर से पांच खातों की डिटेल मांग रहा है इसके साथ ही वह वक्त पूछ रहा है।
पहले वीडियो के बाद राजनीति खत्म भी नहीं हुई कि 13 नवंबर को फिर बड़े बेटे देवेंद्र तोमर का पैसे के लेनदेन को लेकर एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब इसमें 500 करोड रुपये के लेनदेन का दावा किया गया।
नरेंद्र तोमर के बेटे देवेंद्र से जुड़ा मुद्दा क्या है?
नवंबर के शुरुआती हफ्ते में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के बड़े बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह का पैसे की लेनदेन को लेकर एक कथित वीडियो वायरल हुआ। इस वायरल वीडियो को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया समन्वय पियूष बबेले ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। इस वीडियो के हवाले से कांग्रेस ने आरोप लगाया कि देवेंद्र तोमर फोन पर किसी बड़े कारोबारी से करोड़ रुपए की लेनदेन को लेकर बातचीत कर रहे हैं। वीडियो में वह व्यक्ति ट्रांजैक्शन के लिए अलग-अलग कर से पांच खातों की डिटेल मांग रहा है इसके साथ ही वह वक्त पूछ रहा है।
पहले वीडियो के बाद राजनीति खत्म भी नहीं हुई कि 13 नवंबर को फिर बड़े बेटे देवेंद्र तोमर का पैसे के लेनदेन को लेकर एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। अब इसमें 500 करोड रुपये के लेनदेन का दावा किया गया।
राहुल गांधी ने चुनावी सभा में भाजपा पर जमकर हमला बोला।
- फोटो :
सोशल मीडिया
विपक्ष ने वायरल वीडियो पर क्या कहा?
जब से वरिष्ठ भाजपा नेता के बेटे के कथित वीडियो वायरल हुए हैं तब से कांग्रेस भाजपा पर हमलावर है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने 6 नवंबर को धार जिले में एक चुनावी रैली में वायरल वीडियो का मुद्दा उठाया। जनता को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा, 'भारत के कृषि मंत्री के बेटे का एक वीडियो आया। आपने उन्हें हजारों करोड़ रुपये की बात करते हुए देखा होगा।'
13 नवंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी मध्यप्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी और नीमच के जावद में चुनावी सभाओं में वायरल वीडियो के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार की राजधानी बन चुका है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच में रेस चल रही है कि कौन किसानों और मजदूरों से सबसे ज्यादा पैसा लूटेगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर के लड़के देवेंद्र तोमर का करोड़ों रुपए का लेन-देन का वीडियो सामने आया है, लेकिन क्या उनके यहां नरेंद्र मोदी की इनकम टैक्स, ईडी या सीबीआई पहुंची?
इसके बाद 14 नवंबर को राहुल ने विदिशा में भी कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर का बेटा देवेंद्र करोड़ों रुपये की बात ऐसे कर रहा है, जैसे बच्चे कंचे की बात करते हैं।
जब से वरिष्ठ भाजपा नेता के बेटे के कथित वीडियो वायरल हुए हैं तब से कांग्रेस भाजपा पर हमलावर है। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने 6 नवंबर को धार जिले में एक चुनावी रैली में वायरल वीडियो का मुद्दा उठाया। जनता को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा, 'भारत के कृषि मंत्री के बेटे का एक वीडियो आया। आपने उन्हें हजारों करोड़ रुपये की बात करते हुए देखा होगा।'
13 नवंबर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी मध्यप्रदेश के हरदा जिले के टिमरनी और नीमच के जावद में चुनावी सभाओं में वायरल वीडियो के मुद्दे पर भाजपा को आड़े हाथों लिया। राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि भारत में मध्यप्रदेश भ्रष्टाचार की राजधानी बन चुका है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच में रेस चल रही है कि कौन किसानों और मजदूरों से सबसे ज्यादा पैसा लूटेगा। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह तोमर के लड़के देवेंद्र तोमर का करोड़ों रुपए का लेन-देन का वीडियो सामने आया है, लेकिन क्या उनके यहां नरेंद्र मोदी की इनकम टैक्स, ईडी या सीबीआई पहुंची?
इसके बाद 14 नवंबर को राहुल ने विदिशा में भी कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बीजेपी को घेरा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री नरेंद्र तोमर का बेटा देवेंद्र करोड़ों रुपये की बात ऐसे कर रहा है, जैसे बच्चे कंचे की बात करते हैं।
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह
- फोटो :
सोशल मीडिया
आरोपों पर भाजपा ने क्या जवाब दिया?
पहला वीडियो वायरल होने के बाद खुद देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने मुरैना की सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया और कहा था, 'कूटरचित वीडियो वायरल करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।' वहीं नरेंद्र सिंह तोमर ने भी बेटे के वायरल हो रहे पैसों के लेनदेन वाले वीडियो को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सोशल मीडिया पर मेरे बेटे से संबंधित कूट रचित वीडियो वायरल किया गया है। यह एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है जो चुनाव के समय विपक्ष के द्वारा जनता को भ्रमित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि पूर्व में इस तरह के झूठे वीडियो के संबंध में मेरे बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने पुलिस जांच हेतु आवेदन भी किया था। मैं पुन: इस वीडियो की CFSL जांच हेतु एजेंसियों से मांग करता हूं। ताकि सत्य बाहर आ सके और षड्यंत्र उजागर हो सके।
पहला वीडियो वायरल होने के बाद खुद देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने मुरैना की सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कराया और कहा था, 'कूटरचित वीडियो वायरल करके उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।' वहीं नरेंद्र सिंह तोमर ने भी बेटे के वायरल हो रहे पैसों के लेनदेन वाले वीडियो को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि सोशल मीडिया पर मेरे बेटे से संबंधित कूट रचित वीडियो वायरल किया गया है। यह एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है जो चुनाव के समय विपक्ष के द्वारा जनता को भ्रमित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि पूर्व में इस तरह के झूठे वीडियो के संबंध में मेरे बेटे देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने पुलिस जांच हेतु आवेदन भी किया था। मैं पुन: इस वीडियो की CFSL जांच हेतु एजेंसियों से मांग करता हूं। ताकि सत्य बाहर आ सके और षड्यंत्र उजागर हो सके।
महादेव बेटिंग एप से जुड़ा घोटाला
- फोटो :
amar ujala
छत्तीसगढ़
भूपेश बघेल के खिलाफ महादेव एप का मामला क्या है?
अगस्त 2022 से कथित महादेव एप घोटाले मामले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 नवंबर को बड़ा दावा किया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के प्रमोटरों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए जाने की जांच हो रही है। ईडी ने कहा कि 5।39 करोड़ रुपये के साथ गिरफ्तार किए गए असीम दास ने पूछताछ में मुख्यमंत्री को पैसा दिए जाने की बात कही।
ईडी ने कहा कि 2 नवंबर को उसे खुफिया जानकारी मिली कि 7 और 17 नवंबर 2023 को होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के संबंध में महादेव एप के प्रमोटरों द्वारा छत्तीसगढ़ में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाई जा रही है। ईडी के मुताबिक, उसकी एक टीम ने होटल ट्राइटन और भिलाई में एक अन्य स्थान पर तलाशी ली और एक कैश कूरियर असीम दास को पकड़ा, जिसे विशेष रूप से सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के चुनावी खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने के लिए यूएई से भेजा गया था। ईडी ने 5।39 करोड़ रुपये की नकद राशि असीम की कार और उनके आवास से बरामद किए।
एजेंसी की मानें तो, असीम दास ने स्वीकार किया है कि जब्त की गई धनराशि महादेव एप प्रमोटरों द्वारा छत्तीसगढ़ में आगामी चुनाव खर्चों के लिए एक नेता 'बघेल' को देने की व्यवस्था की गई थी। ईडी ने महादेव एप के कुछ बेनामी बैंक खातों का भी पता लगाया है जिनमें 15।59 करोड़ रुपये की शेष राशि फ्रीज की गई। इसके साथ ही ईडी ने असीम दास को गिरफ्तार कर भी कर लिया।
ईडी ने कहा कि दास से पूछताछ और उसके पास से बरामद फोन की फोरेंसिक जांच और महादेव नेटवर्क से जुड़े अहम व्यक्ति और घोटाले के आरोपियों में से एक शुभम सोनी द्वारा भेजे गए ईमेल की जांच से कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। एजेंसी ने अपनी आधिकारिक प्रेस रिलीज में दावा किया कि अब तक महादेव एप प्रमोटर्स द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। ईडी ने यह भी कहा कि ये जांच का विषय है और आगे की जांच के दौरान उसने पुलिस कांस्टेबल भीम यादव से भी पूछताछ की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
भूपेश बघेल के खिलाफ महादेव एप का मामला क्या है?
अगस्त 2022 से कथित महादेव एप घोटाले मामले में मनी लांड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 3 नवंबर को बड़ा दावा किया। एजेंसी ने आरोप लगाया कि महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी एप के प्रमोटरों ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपये दिए जाने की जांच हो रही है। ईडी ने कहा कि 5।39 करोड़ रुपये के साथ गिरफ्तार किए गए असीम दास ने पूछताछ में मुख्यमंत्री को पैसा दिए जाने की बात कही।
ईडी ने कहा कि 2 नवंबर को उसे खुफिया जानकारी मिली कि 7 और 17 नवंबर 2023 को होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों के संबंध में महादेव एप के प्रमोटरों द्वारा छत्तीसगढ़ में बड़ी मात्रा में नकदी ले जाई जा रही है। ईडी के मुताबिक, उसकी एक टीम ने होटल ट्राइटन और भिलाई में एक अन्य स्थान पर तलाशी ली और एक कैश कूरियर असीम दास को पकड़ा, जिसे विशेष रूप से सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के चुनावी खर्चों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी पहुंचाने के लिए यूएई से भेजा गया था। ईडी ने 5।39 करोड़ रुपये की नकद राशि असीम की कार और उनके आवास से बरामद किए।
एजेंसी की मानें तो, असीम दास ने स्वीकार किया है कि जब्त की गई धनराशि महादेव एप प्रमोटरों द्वारा छत्तीसगढ़ में आगामी चुनाव खर्चों के लिए एक नेता 'बघेल' को देने की व्यवस्था की गई थी। ईडी ने महादेव एप के कुछ बेनामी बैंक खातों का भी पता लगाया है जिनमें 15।59 करोड़ रुपये की शेष राशि फ्रीज की गई। इसके साथ ही ईडी ने असीम दास को गिरफ्तार कर भी कर लिया।
ईडी ने कहा कि दास से पूछताछ और उसके पास से बरामद फोन की फोरेंसिक जांच और महादेव नेटवर्क से जुड़े अहम व्यक्ति और घोटाले के आरोपियों में से एक शुभम सोनी द्वारा भेजे गए ईमेल की जांच से कई चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं। एजेंसी ने अपनी आधिकारिक प्रेस रिलीज में दावा किया कि अब तक महादेव एप प्रमोटर्स द्वारा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लगभग 508 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। ईडी ने यह भी कहा कि ये जांच का विषय है और आगे की जांच के दौरान उसने पुलिस कांस्टेबल भीम यादव से भी पूछताछ की और उसे गिरफ्तार कर लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो :
अमर उजाला
महादेव एप पर भाजपा ने क्या कहा?
ईडी के आरोप के बाद सियासत भी शुरू हो गई। 4 नवंबर को दुर्ग की रैली में पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बताएं कि घोटाले से उनका क्या संबंध? इसके बाद 13 नवंबर को मुंगेली में महादेव एप मामले में बघेल को घेरा। सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस के गणितबाजों को बताना होगा कि मुख्यमंत्री को इसमें कितना पैसा मिला है। दिल्ली दरबार मे कितना पैसा दिया है।
पीएम मोदी के अलावा भाजपा के कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के चुनावी कार्यक्रमों में महादेव एप मामले में कांग्रेस को घेरा।
ईडी के आरोप के बाद सियासत भी शुरू हो गई। 4 नवंबर को दुर्ग की रैली में पीएम मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बताएं कि घोटाले से उनका क्या संबंध? इसके बाद 13 नवंबर को मुंगेली में महादेव एप मामले में बघेल को घेरा। सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कांग्रेस के गणितबाजों को बताना होगा कि मुख्यमंत्री को इसमें कितना पैसा मिला है। दिल्ली दरबार मे कितना पैसा दिया है।
पीएम मोदी के अलावा भाजपा के कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के चुनावी कार्यक्रमों में महादेव एप मामले में कांग्रेस को घेरा।
सीएम भूपेश बघेल
- फोटो :
अमर उजाला
आरोपों पर कांग्रेस ने क्या कहा?
महादेव एप मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ई़डी के दावों को सिरे से नकार दिया है। बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ईडी, आईटी, डीआरआई और सीबीआई जैसी एजेंसियों के सहारे छत्तीसगढ़ का चुनाव लड़ना चाहती है। चुनाव के ठीक पहले ईडी ने मेरी छवि धूमिल करने का सबसे कुत्सित प्रयास किया है। यह कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक प्रयास है जो ईडी के माध्यम से किया जा रहा है।
महादेव एप मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ई़डी के दावों को सिरे से नकार दिया है। बघेल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ईडी, आईटी, डीआरआई और सीबीआई जैसी एजेंसियों के सहारे छत्तीसगढ़ का चुनाव लड़ना चाहती है। चुनाव के ठीक पहले ईडी ने मेरी छवि धूमिल करने का सबसे कुत्सित प्रयास किया है। यह कांग्रेस की लोकप्रिय सरकार को बदनाम करने का राजनीतिक प्रयास है जो ईडी के माध्यम से किया जा रहा है।
...तो दोनों मामलों में आगे क्या होगा?
बघेल और तोमर के बेटे के खिलाफ आरोपों पर दोनों पार्टियों के आमने-सामने हैं। इसके साथ ही कांग्रेस ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग (ईसीआई) से मिलने का समय मांगा और भाजपा नेता द्वारा चुनावों में कथित अवैध फंडिंग के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की।
वहीं महादेव एप मामले में भी ईडी के साथ-साथ कई राज्यों की पुलिस जांच कर रही हैं। पिछले दिनों मुंबई पुलिस ने इससे जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस बीच ईडी भी लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
बघेल और तोमर के बेटे के खिलाफ आरोपों पर दोनों पार्टियों के आमने-सामने हैं। इसके साथ ही कांग्रेस ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग (ईसीआई) से मिलने का समय मांगा और भाजपा नेता द्वारा चुनावों में कथित अवैध फंडिंग के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की।
वहीं महादेव एप मामले में भी ईडी के साथ-साथ कई राज्यों की पुलिस जांच कर रही हैं। पिछले दिनों मुंबई पुलिस ने इससे जुड़े मामले में एफआईआर दर्ज की है। इस बीच ईडी भी लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
मतदान पर कितना असर डालेंगे ये मुद्दे?
इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहते हैं, 'भारत की राजनीति में बमुश्किल उदाहरण ही हैं जब भ्रष्टाचार के मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया हो। अगर नरेंद्र तोमर के बेटे के वायरल वीडियो की बात करें तो इसका असर पूरे प्रदेश की राजनीति में नहीं पड़ेगा। हो सकता है कि खुद नरेंद्र तोमर की दिमनी सीट पर इसका असर पड़े जो मामूली ही होगा। महादेव एप के मामले को छत्तीसगढ़ में भाजपा काफी पहले से उठा रही है, उसे उम्मीद होगी की इसका फायदा पार्टी को मिले।'
इस मुद्दे पर वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहते हैं, 'भारत की राजनीति में बमुश्किल उदाहरण ही हैं जब भ्रष्टाचार के मुद्दों ने मतदाताओं को प्रभावित किया हो। अगर नरेंद्र तोमर के बेटे के वायरल वीडियो की बात करें तो इसका असर पूरे प्रदेश की राजनीति में नहीं पड़ेगा। हो सकता है कि खुद नरेंद्र तोमर की दिमनी सीट पर इसका असर पड़े जो मामूली ही होगा। महादेव एप के मामले को छत्तीसगढ़ में भाजपा काफी पहले से उठा रही है, उसे उम्मीद होगी की इसका फायदा पार्टी को मिले।'