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पश्चिम बंगाल: झटकों से नहीं उभर पा रही टीएमसी, शिउली पंचायत में आठ सदस्यों ने दिया इस्तीफा; बताई ये वजह
Sun, 21 Jun 2026 06:37 PM IST
Rahul Kumar
पीटीआई/आईएएनएस, कोलकाता।
पीटीआई/आईएएनएस, कोलकाता।
Published by: Rahul Kumar
Updated Sun, 21 Jun 2026 06:37 PM IST
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टीएमसी
- फोटो : अमर उजाला
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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता और शिउली ग्राम पंचायत के प्रधान अरुण कुमार घोष तथा सात अन्य सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इससे उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर क्षेत्र स्थित इस ग्राम पंचायत में पार्टी की ताकत कम हो गई है।
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सभी सदस्य बैरकपुर ब्लॉक-2 के बीडीओ कार्यालय पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया। पूर्व प्रधान अरुण कुमार घोष ने कहा कि यह फैसला हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा दिए गए जनादेश का सम्मान करने के लिए लिया गया है, जिसमें तृणमूल कांग्रेस सत्ता से बाहर हो गई।
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इस बीच, नैहाटी नगर पालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी ने भी शनिवार रात ईमेल के जरिए अपना इस्तीफा भेज दिया। यह नगर पालिका भी उत्तर 24 परगना जिले में स्थित है।शिउली ग्राम पंचायत में कुल 30 सीटें हैं जिनमें से फिलहाल 29 सदस्य हैं। इनमें तृणमूल कांग्रेस के 24 सदस्य, भाजपा के 3 सदस्य और वाम मोर्चा के 2 सदस्य हैं। रविवार को प्रधान समेत तृणमूल कांग्रेस के 8 सदस्यों के इस्तीफे के बाद पंचायत की राजनीतिक स्थिति में बड़ा बदलाव आ गया है।
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मीडिया से बात करते हुए अरुण कुमार घोष ने कहा, ''इस क्षेत्र के लोगों ने विधानसभा चुनाव में हमारे खिलाफ मतदान किया है। इसलिए जनता के फैसले का सम्मान करते हुए हमने स्वेच्छा से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।'' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में तृणमूल कांग्रेस के कुछ और सदस्य भी इस्तीफा दे सकते हैं।
वहीं, नैहाटी नगरपालिका के चेयरमैन अशोक चटर्जी ने भी इसी रास्ते पर चलते हुए इस्तीफा दिया। इससे पहले इसी नगर पालिका के दो पार्षद भी अपना पद छोड़ चुके हैं। इसके कारण उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों के इस्तीफों की संख्या लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि राज्य में सरकार बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस एक के बाद एक स्थानीय निकायों पर अपना नियंत्रण खो रही है।
कुछ दिन पहले शिउली ग्राम पंचायत के पास स्थित मोहनपुर पंचायत और बाराकपुर नगर पालिका के बोर्ड भी भंग कर दिए गए थे। इसके अलावा राज्यभर में विभिन्न नगर निगमों, नगरपालिकाओं और ग्राम पंचायतों में तृणमूल कांग्रेस के जनप्रतिनिधि अपने पदों से इस्तीफा दे रहे हैं। इसके चलते मानसून के आने से पहले कई स्थानों पर नागरिक सेवाएं लगभग ठप पड़ गई हैं।
विधायक मोसराफ हुसैन अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
टीएमसी के विधायक मोसराफ हुसैन ने रविवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की। उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार से विधायक हुसैन ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में उनके लिए इस पद पर बने रहना मुश्किल हो गया था।
उन्होंने कहा, "मैंने पार्टी को अपने फैसले की जानकारी दे दी है कि मैं इस पद पर आगे काम नहीं करूंगा।" मोसराफ हुसैन को इसी महीने पश्चिम बंगाल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। विधायक ने कहा कि फिलहाल वह टीएमसी के भीतर मौजूद किसी भी गुट के साथ नहीं हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले समूह के साथ चर्चा की थी।