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पाकिस्तान को जीएसपी सूची से बाहर किया जाए: ईआईसीसी

Sun, 15 Sep 2019 02:47 PM IST
शिल्पा ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिल्पा ठाकुर Updated Sun, 15 Sep 2019 02:47 PM IST
सार

  • ईआईसीसी ने यूरोपीय कमीशन को खत लिखा है। 
  • पाकिस्तान से जीएसपी प्लस स्टेटस वापस लेने की मांग की गई है। 
  • सिख, हिंदू और ईसाई समुदाय पर होने वाला अत्याचार है कारण।

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EICC writter letter to EU to withdraw GSP status to Pakistan
इमरान खान (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

विस्तार

यूरोप इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स (ईआईसीसी) ने यूरोपीय कमीशन में ईयू कमीश्नर ऑफ ट्रेड सेसिला मल्मस्ट्रोम को एक खत लिखा है। जिसमें पाकिस्तान से जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (जीएसपी) प्लस स्टेटस वापस लेने की मांग की गई है।

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इसमें इसके पीछे का कारण पाकिस्तान में सिख, हिंदू और ईसाई समुदाय पर होने वाला अत्याचार बताया गया है। इस खत पर 12 सितंबर की तारीख पड़ी है। ईआईसीसी ने इसमें अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों के जबरन धर्म परिवर्तन कराए जाने के मामलों पर भी प्रकाश डाला है।
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खत में लिखा है, "मैडम कमिश्नर, पाकिस्तान ईसाई, सिख और हिंदुओं का नसंहार कर रहा है, जिससे हम काफी चिंतित हैं। अल्पसंख्यकों ने पाकिस्तान में ऐतिहासिक और वर्तमान धार्मिक उत्पीड़न और व्यवस्थित हिंसा का अनुभव किया है। ये सब जबरन धर्मांतरण, प्रलेखित नरसंहार, विध्वंस और गिरजाघरों और मंदिरों के विनाश के साथ-साथ शैक्षिक केंद्रों के विनाश के रूप में सामने आते रहे हैं।" 
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खत में लिखा है कि पाकिस्तान में ईसाई, हिंदू और सिख कोर्ट के आगे शक्तिहीन हैं। अपराधी मदरसों से शादी के नकली प्रमाणपत्र ले आते हैं, जिनमें उम्र भी गलत लिखी होती है। कोर्ट इन दस्तावेजों की सत्याता की जांच नहीं करता है। ईसाई और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय आतंकियों के लिए आसान निशाना होते हैं। ये लोग सामाजिक-आर्थिक और राजनीतिक बहिष्कार का भी निशाना बनते हैं।


पाकिस्तान के जीएसपी से बाहर करने का मुद्दा 9 सितंबर को ब्रूजेल्स में यूरोपियन पार्लियामेंट सब-कमिटि की मानवाधिकारों पर हुई बैठक में यूरोपियन पार्लियामेंट के सदस्यों ने उठाया था।

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