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शिक्षामंत्री: भारत में विज्ञान, तकनीक, अभियांत्रिकी व गणित में महिला स्नातक सबसे अधिक
Tue, 20 Jul 2021 03:16 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 20 Jul 2021 03:16 AM IST
सार
- स्नातक करने वाली महिलाओं का प्रतिशत सभी देशों के मुकाबले भारत में सबसे अधिक
- 2018-2019 में स्टेम स्नातक महिलाओं की संख्या 10 लाख से 10.56 लाख हुई
- भारत में स्नातक पुरुषों की संख्या 12.48 लाख से घटकर 11.88 लाख हुई
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केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि दुनियाभर में विज्ञान, तकनीक, अभियांत्रिकी और गणित (स्टेम) के क्षेत्र में स्नातक करने वाली महिलाओं का प्रतिशत अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के मुकाबले भारत में अधिक है।
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केंद्रीय शिक्षामंत्री ने बताया कि भारत में 2018-2019 में स्टेम स्नातक महिलाओं की संख्या 10 लाख से बढ़कर 10.56 लाख हो गई, जबकि इस दौरान स्नातक पुरुषों की संख्या 12.48 लाख से घटकर 11.88 लाख हो गई।
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प्रधान ने बताया कि 2016 में जहां भारत में 42.72 फीसदी महिलाएं स्टेम स्नातक थीं, अमेरिका में यह आंकड़ा 33.99 फीसदी, जर्मनी में 27.14 फीसदी, ब्रिटेन में 38.10 फीसदी, फ्रांस में 31.18 फीसदी और कनाडा में 31.43 फीसदी था। यह सिलसिला 2017 व 2018 में भी जारी रहा। इस दौरान भारत में स्टेम स्नातक महिलाओं का प्रतिशत क्रमश: 43.93 और 42.73 फीसदी रहा।
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बता दें कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा ने पिछले सप्ताह को 50 हजार स्कूल शिक्षकों के लिए ‘स्कूल इनोवेशन एंबेसडर प्रशिक्षण कार्यक्रम’ की शुरुआत की थी।
स्कूली शिक्षकों के लिए नए और अपनी तरह के अनूठे इस कार्यक्रम का उद्देश्य 50,000 स्कूल शिक्षकों को नवाचार, उद्यमिता, आईपीआर, उत्पाद विकास, विचार निर्माण जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देना है। शिक्षामंत्री ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए बताया, शिक्षकों का हमारे जीवन में सबसे अधिक प्रभाव होता है।
शिक्षा मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय की साझा पहल
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हमारा लक्ष्य अपने शिक्षकों को बदलाव का वाहक और नवाचार का दूत बनाना है, ताकि हमारे विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने बताया, यह कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय, जनजातीय कार्य मंत्रालय, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) का संयुक्त प्रायस है, जो लाखों विद्यार्थियों में नई खोज करने की क्षमताएं बढ़ाएगा, नवोन्मेष की संस्कृति को विकसित करेगा और जीवंत भारत की नींव रखेगा।