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NEP- 2020: एनईपी न लागू करने वाला तीसरा राज्य बना कर्नाटक, प्रधान बोले- छात्रों के भविष्य से खिलवाड़

Wed, 23 Aug 2023 06:03 AM IST
जलज मिश्रा अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 23 Aug 2023 06:03 AM IST
सार

देश की शिक्षा में 34 सालों बाद बदलाव लाने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) कर्नाटक में राजनीति की भेंट चढ़ गई है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद एनईपी को समाप्त करने का एलान कर दिया गया है।

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Education Minister Dharmendra Pradhan Attacked karnataka for not implementing nep 2020
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेद्र प्रधान। - फोटो : PIB

विस्तार

केरल और तमिलनाडु के बाद ‘नई शिक्षा नीति 2020’ को लागू करने से इन्कार करने वाला कर्नाटक तीसरा राज्य बन गया है। केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इसे छात्र विरोधी बताते हुए कहा, राज्य सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करे। गौरतलब है कि ‘नई शिक्षा नीति 2020’ की घोषणा के वक्त कर्नाटक इसे लागू करने वाला पहला राज्य था, तब वहां भाजपा की सरकार थी।

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देश की शिक्षा में 34 सालों बाद बदलाव लाने वाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी) कर्नाटक में राजनीति की भेंट चढ़ गई है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद एनईपी को समाप्त करने का एलान कर दिया गया है। प्रधान ने कहा, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री का यह बयान उनके दिल्ली के राजनीतिक आकाओं को खुश करने वाला है, लेकिन छात्र हित में नहीं है। प्रधान ने कहा, डिप्टी सीएम के तथ्य गलत हैं और उनका बयान शरारतपूर्ण और प्रतिगामी है। केंद्र ने 34 सालों के बाद 21 वीं सदी की जरूरतों के आधार पर बदलाव लाने वाले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को जुलाई 2020 में लागू किया था। इस नीति को देशभर के शिक्षाविदों, राज्यों,स्कूलों, कॉलेजों, पंचायत, आम लोगों से लेकर सभी हितधारकों के सुझावों के आधार पर अंतरिक्ष वैज्ञानिक के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति ने तैयार किया है।

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पूछा-कन्नड़ भाषा का विरोध क्यों
धर्मेंद्र प्रधान ने कर्नाटक डिप्टी सीएम से पूछा कि सीयूईटी, नीट, जेईई समेत कई अन्य राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा कन्नड़ समेत भारतीय भाषाओं में आयोजित की जा रही हैं। ऐसे में वे एनईपी का विरोध करके इन परीक्षाओं का कन्नड़ समेत अन्य भाषाओं का विरोध क्यों कर रहे हैं? वे बहुविषयक, व्यावसायिक , शारीरिक शिक्षा, कला और खेल के एकीकरण समेत अन्य सुविधाओं का विरोध कर रहे हैं। इससे प्रदेश को छात्रों को लाभ नहीं मिल पाएगा।

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शिक्षाविदों, अधिकारियों संग बैठक के बाद फैसला : डीके
कर्नाटक के उपमुुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षाविदों, कुलपतियों और अधिकारियों के साथ बैठक की थी। सभी के सुझावों और विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद हमने कर्नाटक में एनईपी 2020 को समाप्त करने का फैसला लिया है। एनईपी 2020 को वर्ष 2021 में लागू किया गया था। लेकिन अब हम इसे हटा रहे हैं। अगले साल से हम अपनी शिक्षा नीति लेकर आएंगे। इसके लिए इसी हफ्ते एक समिति बनायी जाएगी। वहीं, कर्नाटक डिप्टी सीएम ने आरोप लगाया है कि भाजपा शासित किसी भी राज्य ने एनईपी 2020 में कोई रुचि नहीं दिखाई और न ही अपनाया है।


 
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