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ईडी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया चिदंबरम की अर्जेंटीना, फ्रांस, ग्रीस सहित 13 देशों में है संपत्ति
Tue, 27 Aug 2019 10:12 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 27 Aug 2019 10:12 AM IST
सार
- ईडी ने चिदंबरम पर सबूतों के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया।
- ईडी ने उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में कहा कि चिदंबरम सहित अन्य आरोपियों के 13 देशों में बैंक खाते और संपत्तियां हैं।
- ईडी ने कहा कि जांच पूरी करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है।
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पी चिदंबरम
- फोटो : PTI
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विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम पर आईएनएक्स मीडिया मामले से संबंधित सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया। जांच एजेंसी का कहना है कि अन्य साजिशकर्ताओं के साथ वह विदेशी संपत्ति की बिक्री और बैंक खातों को बंद कर रहे हैं। ईडी ने यह बातें सोमवार को उच्चतम न्यायाल में कहीं और अदालत को बताया कि जांच पूरी करने के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री को हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है।
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अपने हलफनामे में ईडी ने अदालत से कहा कि कांग्रेस नेता और अन्य आरोपियों के पास अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, ब्रिटिश वर्जीन आईलैंड, फ्रांस, ग्रीस, मलयेशिया, मोनाको, फिलीपींस, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, स्पेन और श्रीलंका में संपत्ति और बैंक अकाउंट हैं। शेल (फर्जी) कंपनियों के जरिए इन देशों के बैंक खातों में लेन-देनका काम किया गया।
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हलफनामे में एजेंसी ने कहा, 'आरोपी के खिलाफ हमारे पास मजबूत केस है और इस आधार पर जमानत याचिका का विरोध कर रहे हैं। इसके साथ ही इनकी अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करने का हमारे पास एक और मजबूत आधार है। हमें ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपी और सह षड्यंत्रकर्ता न केवल सबूतों के साथ छेड़छाड़/खत्म कर रहे है बल्कि वह गवाहों को भी प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। जांच ऐसे मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां सबूतों को सुरक्षित और संरक्षित रखने की जरूरत है। सबूतों की रक्षा के साथ ही गवाह की गरिमा और सुरक्षा की भी रक्षा होनी चाहिए। गवाह को प्रभावित किया जा रहा है और उनका अपमान हो रहा है। आरोपी बहुत ताकतवर और प्रभावशाली व्यक्ति हैं।'
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ईडी के हलफनामे से ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही कार्ति चिदंबरम पर भी शिकंजा कसा जा सकता है उनकी गिरफ्तारी हो सकती है। कार्ति को फिलहाल मद्रास उच्च न्यायालय से राहत मिली हुई है। चिदंबरम के वकील का कहना है कि उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया। हालांकि ईडी का कहना है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री को जब समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था तो वह पूरी तरह से टाल-मटोल करने वाले और असहयोगी रहे हैं।
एंटी मनी लांड्रिंग एजेंसी का कहना है कि मौजूदा सबूत इस बात के गवाह हैं कि मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में चिदंबरम प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से भागीदार रहे हैं। वह मनी लांड्रिंग के गंभीर दोषी हैं। एजेंसी ने कहा, जांच रिकॉर्ड में यह बात सामने आई है कि शेल कंपनियों में जमा कराए पैसों का इस्तेमाल बहुत से बेनामी खातों और बेनामी निवेश करने के लिए किया गया। जिसके जरिए भारत और विदेश में चल और अचल संपत्ति खरीदी गई।