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FEMA Case: फेमा मामले में महुआ और दर्शन हीरानंदानी को ईडी का समन, पूछताछ के लिए किया तलब; जानें कब बुलाया
Wed, 27 Mar 2024 05:51 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 27 Mar 2024 05:51 PM IST
सार
FEMA Case: फेमा मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा और दर्शन हीरानंदानी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन जारी किया है। दोनों को 28 मार्च को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है।
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महुआ मोइत्रा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
फेमा मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा और दर्शन हीरानंदानी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन जारी किया है। दोनों को 28 मार्च को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है। फेमा मामले में पूछताछ के लिए इससे पहले हीरानंदानी समूह के प्रमोटर्स निरजंन हीरानंदानी और उनके बेटे दर्शन हीरानंदानी को ईडी ने फरवरी में तलब किया था। हीरानंदानी ने बताया था कि उन पर फेमा उल्लंघन का आरोप 16 साल पहले लगा था। अब तक उनसे 42 या 43 बार पूछताछ की जा चुकी है।
ईडी के समन पर टीएमसी के प्रवक्ता कृष्णु मित्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "यह महुआ मोइत्रा के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के पास टीएमसी से लड़ने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।"
उन्होंने आगे कहा, "उन्हें (महुआ मोइत्रा) को संसदीय पैनल के सामने अपना पेश करने की अनुमति नहीं दी गई। फिर उन्हें निष्काशित कर दिया गया। अब सीबीआई की छापेमारी और ईडी का समन। इससे भाजपा को कुछ परिणाम नहीं मिलने वाला है।"
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भाजपा नेता राहुल सिंहा ने पलटवार करते हुए कहा, "जब भी ईडी या सीबीआई की रेड होती है या किसी टीएमसी नेता को तलब किया जाता है तो वे यही कहते है कि मामला राजनीतिक है। सच्चाई तो यह है कि टीएमसी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। मोइत्रा ने जो कुछ भी किया, वह संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ है।"
भाजपा सांसद ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ की थी शिकायत
गौरतलब है कि भाजपा के नेता निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल में भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने टीएमसी सांसद पर संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने मोइत्रा पर आर्थिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया था। टीएमसी नेता के खिलाफ लोकपाल की तरफ से शिकायत करने के बाद सीबीआई ने प्राथमिक जांच शुरू की थी।
क्या है मामला
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के कहने पर संसद में सवाल पूछने का आरोप है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया था कि ये सबूत वकील जय अनंत देहादराई द्वारा प्रदान किए गए थे।
लोकसभा स्पीकर को लिखे अपने पत्र में दुबे ने कहा था कि उन्हें वकील और महुआ के पूर्व दोस्त जय अनंत का एक पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने मोइत्रा और जाने-माने बिजनेस टाइकून दर्शन हीरानंदानी के बीच सवाल पूछने के लिए रिश्वत के आदान-प्रदान के सबूत साझा किए हैं। इसके आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि मोइत्रा ने संसद में उनके द्वारा पूछे गए कुल 61 में से लगभग 50 प्रश्न दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों को बचाने के लिए थे।
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ईडी के समन पर टीएमसी के प्रवक्ता कृष्णु मित्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, "यह महुआ मोइत्रा के खिलाफ प्रतिशोध की राजनीति के अलावा कुछ नहीं है। भाजपा के पास टीएमसी से लड़ने के लिए कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वह केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।"
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उन्होंने आगे कहा, "उन्हें (महुआ मोइत्रा) को संसदीय पैनल के सामने अपना पेश करने की अनुमति नहीं दी गई। फिर उन्हें निष्काशित कर दिया गया। अब सीबीआई की छापेमारी और ईडी का समन। इससे भाजपा को कुछ परिणाम नहीं मिलने वाला है।"
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भाजपा नेता राहुल सिंहा ने पलटवार करते हुए कहा, "जब भी ईडी या सीबीआई की रेड होती है या किसी टीएमसी नेता को तलब किया जाता है तो वे यही कहते है कि मामला राजनीतिक है। सच्चाई तो यह है कि टीएमसी भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। मोइत्रा ने जो कुछ भी किया, वह संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ है।"
भाजपा सांसद ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ की थी शिकायत
गौरतलब है कि भाजपा के नेता निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल में भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने टीएमसी सांसद पर संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने मोइत्रा पर आर्थिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया था। टीएमसी नेता के खिलाफ लोकपाल की तरफ से शिकायत करने के बाद सीबीआई ने प्राथमिक जांच शुरू की थी।
क्या है मामला
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा पर कारोबारी दर्शन हीरानंदानी के कहने पर संसद में सवाल पूछने का आरोप है। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने दावा किया था कि ये सबूत वकील जय अनंत देहादराई द्वारा प्रदान किए गए थे।
लोकसभा स्पीकर को लिखे अपने पत्र में दुबे ने कहा था कि उन्हें वकील और महुआ के पूर्व दोस्त जय अनंत का एक पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने मोइत्रा और जाने-माने बिजनेस टाइकून दर्शन हीरानंदानी के बीच सवाल पूछने के लिए रिश्वत के आदान-प्रदान के सबूत साझा किए हैं। इसके आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि मोइत्रा ने संसद में उनके द्वारा पूछे गए कुल 61 में से लगभग 50 प्रश्न दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों को बचाने के लिए थे।