फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED: Raid conducted at premises linked to McNally Bharat Engineering Company Limited; action on FEMA violations

ईडी: 'मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड' से जुड़े लोगों के ठिकाने पर छापा, फेमा उल्लंघन के पर कार्रवाई

Fri, 25 Sep 2026 03:28 PM IST
पवन पांडेय डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 25 Sep 2026 03:28 PM IST
सार

ईडी, कोलकाता ने फेमा उल्लंघन के मामले में मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (MBECL) और उससे जुड़े लोगों के घरों व दफ्तरों पर छापेमारी की। जांच में कथित तौर पर विदेशी मुद्रा लेन-देन, विदेश में अघोषित संपत्तियों और कंपनी को जानबूझकर कमजोर करने के मामले सामने आए हैं।

विज्ञापन
ED: Raid conducted at premises linked to McNally Bharat Engineering Company Limited; action on FEMA violations
ED - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), कोलकाता ने फेमा, 1999 की धारा 37 के तहत मैकनेली भारत इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड (एमबीईसीएल) और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े लोगों के ऑफिस व घरों पर छापेमारी की है। इस अभियान में संजय पसारी, राजीव पसारी, रवि टोडी और सुधीर सतनालीवाला के घर और जुड़ी हुई कंपनियों के ऑफिस शामिल हैं। यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (फेमा), 1999 के कथित उल्लंघन के मामले में की गई है। तलाशी के दौरान, विदेशी मुद्रा के संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इनमें एक्सपोर्ट से मिलने वाली वह बड़ी रकम भी शामिल है, जो एमबीईसीएल को नहीं मिली (सीआईआरपी से पहले के लेन-देन) और अभी तक भी बकाया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- आंध्र से बंगाल तक बारिश का कहर: दार्जिलिंग में भूस्खलन, ओडिशा में स्कूल बंद; मौसम विभाग ने क्या चेतावनी दी?
विज्ञापन


ईडी के मुताबिक, इसके अलावा, ऐसी जानकारी मिली है जिससे पता चलता है कि भारत के बाहर मौजूद कुछ संपत्तियों पर संजय पसारी का कथित मालिकाना हक या कंट्रोल है, जिनके बारे में जानकारी नहीं दी गई थी। फेमा, 1999 और अन्य लागू कानूनों के प्रावधानों के उल्लंघन का पता लगाने के लिए जांच जारी है। पता चला है कि एमबीईसीएल की आर्थिक स्थिति को जानबूझकर कमजोर किया गया था, जिसके कारण आखिरकार कंपनी को कॉर्पोरेट इनसॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (सीआईआरपी) में ले जाना पड़ा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीआईआरपी के दौरान, लगभग 6,828 करोड़ रुपये के दावे किए गए थे, जिनमें से लगभग 5,015 करोड़ रुपये के दावों को स्वीकार किया गया। ये दावे 16 लेनदारों (क्रेडिटर्स) से जुड़े थे, जिसमें बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाला एक ग्रुप शामिल था। इस ग्रुप में अन्य पब्लिक सेक्टर बैंक, प्राइवेट सेक्टर बैंक और अन्य अनसिक्योर्ड और ऑपरेशनल लेनदार भी शामिल थे। इन देनदारियों के मुकाबले, केवल 441 करोड़ रुपये का रिज़ॉल्यूशन प्लान मंज़ूर किया गया। इसके चलते किए गए दावों की तुलना में लगभग 94 प्रतिशत की कमी आई। 


खास बात यह है कि रिजॉल्यूशन प्लान में केवल 155 करोड़ रुपये कैश डालने की बात कही गई थी, जिसमें से असल में सिर्फ 123 करोड़ का भुगतान किया गया, जबकि बाकी रकम का भुगतान एमबीईसीएल की अपनी अंदरूनी कमाई से किया गया। जांच से पता चला था कि सीआईआरपी प्रोसेस के जरिए एमबीईसीएल के अधिग्रहण (एक्विजिशन) को इस तरह से तैयार किया गया था कि संजय पसारी के नेतृत्व वाले विश्व ग्रुप की असल आर्थिक भागीदारी और कंट्रोल को छिपाया जा सके। अधिग्रहण के लिए बीटीएल ईपीसी का इस्तेमाल रिज़ॉल्यूशन एप्लिकेंट के तौर पर किया गया, जिसने अधिग्रहण के लिए एक एसपीवी (मंडल व्यापार प्राइवेट लिमिटेड) को नॉमिनेट किया।

यह भी पढ़ें- महाराष्ट्र यूसीसी: पूर्व आईएएस शत्रुघ्न सिंह बने समिति के सदस्य, जस्टिस चव्हाण के इस्तीफे के बाद नियुक्ति

वहीं, अधिग्रहण के लिए फंड जुटाने के लिए विश्व ग्रुप से जुड़े फंड को कई कंपनियों के जरिए घुमाया गया, जिससे फंडिंग का असली सोर्स और रिजॉल्यूशन प्रोसेस का असली फायदा उठाने वाला व्यक्ति छिपा रहा।  इसके अलावा, जांच से पता चला कि अधिग्रहण के लिए इस्तेमाल किए गए लगभग 105 करोड़ रुपये का फंड, संजय पसारी से जुड़ी कंपनियों से आए थे। इन्हें एनबीएफसी समेत कई बीच की कंपनियों के ज़रिए भेजा गया था। एजेंसी इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस व्यवस्था से फंड के स्रोत और अधिग्रहण के बाद एमबीईसीएल पर असली कंट्रोल को छिपाया गया था। क्या इससे 'इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016' की धारा 29ए की जरूरी शर्तों का उल्लंघन किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed