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सीआईएसएफ: संसद समेत अति-संवेदनशील जगहों पर तैनात जवानों की होगी मनोवैज्ञानिक जांच, तनाव होगा दूर
Fri, 25 Sep 2026 07:57 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 25 Sep 2026 07:57 PM IST
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सीआईएसएफ और आईएचबीएएस के बीच समझौता
- फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रीय सुरक्षा की अहम जिम्मेदारी संभाल रहे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों को अक्सर तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण माहौल में काम करना पड़ता है। जवानों के मानसिक स्वास्थ्य को सर्वोपरि रखते हुए और ड्यूटी के तनाव को दूर करने के लिए, सीआईएसएफ ने शुक्रवार को 'मानव व्यवहार और संबद्ध विज्ञान संस्थान' (आईएचबीएएस) के साथ तीन साल के एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका मकसद संसद भवन परिसर और अन्य अति-संवेदनशील यूनिटों में तैनात सीआईएसएफ जवानों की मनोवैज्ञानिक जांच कराना है। केंद्रीय बल की प्राथमिकता जवानों को तनाव से दूर रखना और उन्हें पूरी तरह फिट रखना है।
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यह समझौता सीआईएसएफ मुख्यालय में बल के महानिदेशक प्रवीर रंजन की अध्यक्षता में हुआ। समझौते पर सीआईएसएफ की ओर से आईजी (प्रशासन) प्रतिभा अग्रवाल और आईएचबीएएस की ओर से क्लिनिकल साइकोलॉजी की प्रोफेसर एवं हेड डॉ. विभा शर्मा ने हस्ताक्षर किए।
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इस समझौते की प्रमुख बातें:
-विशेष मनोवैज्ञानिक जांच: संसद भवन परिसर और अन्य अति-संवेदनशील इकाइयों में तैनात होने वाले जवानों की खास मनोवैज्ञानिक जांच की जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे मानसिक रूप से पूरी तरह फिट और तनावमुक्त हैं।
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-शुरुआती लक्षणों की पहचान: मेडिकल और सुपरवाइजरी अधिकारियों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे जवानों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव या तनाव के शुरुआती लक्षणों को पहचान कर उन्हें समय पर मदद मुहैया करा सकें।
-क्लिनिकल केयर और नशा मुक्ति: जिन जवानों को विशेषज्ञ इलाज की जरूरत होगी, उन्हें आईएचबीएएस की ओपीडी और आईपीडी सुविधाओं के जरिए पेशेवर काउंसलिंग और नशा मुक्ति (खासकर शराब की लत) का इलाज मिलेगा।
-मास्टर ट्रेनर्स की तैयारी: आईएचबीएएस की टीम 'ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स' प्रोग्राम चलाएगी, जिससे तैयार हुए सीआईएसएफ के मास्टर ट्रेनर्स बल की सभी यूनिट्स में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाएंगे।
-24x7 हेल्पलाइन: तनाव की स्थिति में तुरंत मदद के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन 'टेली-मानस' (14416) के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जाएगा।
महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा, सीआईएसएफ के जवान बेहद चुनौतीपूर्ण और अहम् जिम्मेदारी वाले माहौल में काम करते हैं। आईएचबीएएस के साथ यह साझेदारी जवानों की मानसिक परेशानियों की जल्द पहचान, पेशेवर काउंसलिंग और समय पर इलाज की दिशा में हमारे प्रयासों को और मजबूत करेगी। हमारा मुख्य लक्ष्य एक ऐसा माहौल तैयार करना है, जहां कोई भी जवान बिना किसी झिझक या डर के मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद मांग सके।
मानसिक रूप से और अधिक मजबूत बनाना
आईएचबीएएस के निदेशक डॉ. राजिंदर के. धमीजा ने कहा, विशेषज्ञ मूल्यांकन, पेशेवर काउंसलिंग और उचित क्लिनिकल केयर के जरिए हमारा उद्देश्य सीआईएसएफ के बहादुर जवानों को समय पर मदद पहुंचाना और उन्हें मानसिक रूप से और अधिक मजबूत बनाना है।
इन संस्थानों के साथ मिलकर हो रहा काम
सीआईएसएफ पहले से ही जवानों के मानसिक कल्याण और तनाव प्रबंधन के लिए 'हार्टफुलनेस इंस्टीट्यूट' (एचएफआई) और एमपॉवर (प्रोजेक्ट मन) के साथ मिलकर काम कर रहा है। आईएचबीएएस के साथ हुआ यह नया समझौता इस दिशा में एक 'क्लिनिकल' पहल है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि सीआईएसएफ के जवान और उनके परिवार मानसिक रूप से स्वस्थ रहें और जवान पूरे मनोबल के साथ देश की सेवा कर सकें।