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ED: पंजाब के 22 नशामुक्ति केंद्रों की आड़ में बीएनएक्स ड्रग्स की खरीद, इससे भारी मात्रा में कमाई अपराध की आय

Sat, 19 Jul 2025 03:16 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 19 Jul 2025 03:16 PM IST
सार

तलाशी अभियान में अमित बंसल, रुसन फार्मा लिमिटेड और ड्रग इंस्पेक्टर रूप प्रीत कौर से जुड़े कार्यालय और आवासीय परिसर शामिल थे। ईडी ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी।

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ED: Purchase of drugs under guise of 22 de-addiction centres in Punjab illegal earning Know all about it
ED - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जालंधर ने पंजाब में 22 निजी नशा मुक्ति केंद्रों द्वारा बीएनएक्स (ब्यूप्रेनोर्फिन/नलाक्सोन) दवाओं की अवैध बिक्री से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत चंडीगढ़, लुधियाना, बरनाला और मुंबई में चार स्थानों पर 18 जुलाई को तलाशी अभियान चलाया। इन दवाओं का उपयोग नशा करने वालों के पुनर्वास के लिए किया जाता है, लेकिन इनका दुरुपयोग मादक द्रव्यों के सेवन के लिए भी किया जाता है। पंजाब के 22 नशामुक्ति केंद्रों की आड़ में बीएनएक्स ड्रग्स की खरीद कर उसे अवैध रूप से बेचकर भारी मात्रा में 'अपराध की आय' हासिल की गई।   

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ईडी के अनुसार, तलाशी अभियान में अमित बंसल, रुसन फार्मा लिमिटेड और ड्रग इंस्पेक्टर रूप प्रीत कौर से जुड़े कार्यालय और आवासीय परिसर शामिल थे। ईडी ने एनडीपीएस अधिनियम 1985 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत पंजाब पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी। ईडी की जांच से पता चला है कि अमित बंसल अपने 22 नशामुक्ति केंद्रों की आड़ में बीएनएक्स ड्रग्स खरीद रहा था। इसके बाद वह बीएनएक्स ड्रग्स को अवैध रूप से बेच रहा था। इसके चलते उसे भारी मात्रा में अपराध से आय (पीओसी) प्राप्त हो रही थी। 
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जांच में सामने आया है कि अवैध बिक्री के कारण हुई नशीली दवाओं की कमी को कथित तौर पर खरीद रिटर्न के रूप में दिखाया गया था। इस प्रकार प्राप्त पीओसी को बैंक खातों के माध्यम से कई अचल संपत्तियों की खरीद में इस्तेमाल किया गया। ईडी ने तलाशी के दौरान, दवा स्टॉक रजिस्टर, कई संपत्ति खरीद समझौते और अन्य प्रासंगिक साक्ष्य सहित कई आपत्तिजनक रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं। ये वित्तीय सुराग स्थापित करने और शामिल संस्थाओं की कार्यप्रणाली का पता लगाने में महत्वपूर्ण हैं।

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