फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ED News: officials got people land who migrated from Jammu to Pakistan occupied acquired land worth 20 crores

ED: जम्मू से पाकिस्तान चले गए लोगों की जमीन पर सरकारी अफसरों ने कराया कब्जा, यूं हासिल की 20 करोड़ की जमीन

Mon, 25 Aug 2025 02:19 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Mon, 25 Aug 2025 02:19 PM IST
सार

ईडी ने एसीबी, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी को मालूम चला कि इस धोखाधड़ी के मामले में सरकारी अधिकारी भी मिले हुए हैं।

विज्ञापन
ED News: officials got people land who migrated from Jammu to Pakistan occupied acquired land worth 20 crores
ईडी - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), जम्मू उप-क्षेत्रीय कार्यालय ने 22.08.2025 को जम्मू और उधमपुर के विभिन्न स्थानों पर कस्टोडियन भूमि हड़पने के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत तलाशी अभियान चलाया। यह तलाशी अभियान जेएंडके सरकार में विभिन्न पटवारियों, तहसीलदारों, बिचौलियों और भूमि हड़पने वालों के खिलाफ चलाया गया। आरोप है कि ये लोग कस्टोडियन भूमि (निष्कासित लोगों द्वारा छोड़ी गई भूमि, जो पहले पाकिस्तान चले गए थे) से संबंधित धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के मामले में लिप्त थे। वह भूमि लगभग 502.5 कनाल थी। उस पर अवैध कब्जा करा दिया गया।

विज्ञापन


ईडी ने एसीबी, जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा दर्ज विभिन्न एफआईआर के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी को मालूम चला कि इस धोखाधड़ी के मामले में सरकारी अधिकारी भी मिले हुए हैं। इनमें राजस्व महकमे के तहसीलदार और पटवारी भी शामिल हैं। इनके अलावा कई निजी व्यक्ति भी इस केस में शामिल रहे हैं। 
विज्ञापन


जांच एजेंसी के मुताबिक, राजस्व अधिकारियों को मालूम था कि यह जमीन उन लोगों की है, जो अब पाकिस्तान जा चुके हैं। इस जमीन पर कब्जा कराने के लिए निजी व्यक्तियों और भूमि हड़पने वालों से संपर्क किया गया। इस केस में कुछ बिचौलिये भी शामिल रहे हैं। इन सब लोगों ने आपसी मिलीभगत से जम्मू और उसके आसपास स्थित लगभग 502.5 कनाल सरकारी कस्टोडियन भूमि को धोखाधड़ी से हड़प लिया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उक्त भूमि का मूल्य लगभग 20 करोड़ रुपये है। 2022 से जाली पिछली तारीख के म्यूटेशन रिकॉर्ड, पावर ऑफ अटॉर्नी, बिक्री विलेख और आधिकारिक राजस्व अभिलेखों में झूठी प्रविष्टियाँ बनाकर भूमि पर अवैध कब्ज़ा किया गया। धोखाधड़ी से हड़पी गई सरकारी संरक्षक भूमि को बाद में जाली दस्तावेजों के माध्यम से बेच दिया गया। बिक्री से प्राप्त राशि (अपराध की आय) को आरोपी व्यक्तियों से संबंधित कई खातों के माध्यम से निजी उपयोग के लिए स्थानांतरित कर दिया गया। तलाशी के परिणामस्वरूप संपत्ति, राजस्व रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य से संबंधित विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।

ED: पहले से बिक चुकी संपत्तियों को गिरवी रख दो बार बैंक से लिया लोन, 60 दिन से 5 सितारा होटल में छिपा आरोपी काबू  
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई जोनल कार्यालय ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है, जो सरकारी बैंकों के साथ फ्रॉड करता था। पहले से बिक चुकी संपत्तियों को गिरवी रखकर आरोपी अमित अशोक थेपड़े ने केनरा बैंक से दो बार लोन ले लिया। इसके लिए उसने बैंक में भी सेटिंग कर रखी थी। कुछ जगहों पर दस्तावेजों में हेराफेरी की गई। ईडी, मुख्य आरोपी थेपड़े की लंबे समय से तलाश कर रही थी। खुफिया जानकारी के आधार पर, ईडी अधिकारियों ने आरोपी को दक्षिण मुंबई के एक प्रमुख पांच सितारा होटल से गिरफ्तार कर लिया। वह आरोपी, उस होटल में पिछले दो महीनों से रह रहा था।  

अमित अशोक थेपड़े को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत चल रही एक जांच के सिलसिले में रविवार को गिरफ्तार किया गया है। इस मामला, केनरा बैंक से जुड़े 117.06 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी से संबंधित है। आरोपी, थेपड़े काफी समय से ईडी के अधिकारियों से बच रहा था। जांच एजेंसी ने एक खुफिया इनपुट के आधार पर होटल परिसर में रेड की थी। आरोपी के 50 से अधिक बैंकों में खाते थे। ईडी ने अब उन सभी खातों को फ्रीज कर दिया है। 9.5 लाख रुपये की नकदी और 2.33 करोड़ रुपये के बुलियन, सोने व हीरे के आभूषण, दो वाहन एवं डिजिटल उपकरणों को जब्त किया गया है। जांच एजेंसी द्वारा जब्त की गई नकदी, बुलियन, आभूषण एवं डिजिटल उपकरण, आदि वित्तीय लेनदेन के महत्वपूर्ण सबूत होने का संदेह है। 

ईडी ने सीबीआई और एसीबी, पुणे द्वारा गैलेक्सी कंस्ट्रक्शन्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (जीसीसीपीएल) और मिट्सम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (एमईपीएल) के खिलाफ दर्ज दो एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी। अमित थेपड़े के स्वामित्व और नियंत्रण वाली दोनों कंपनियों ने विभिन्न अचल संपत्तियों को गिरवी रखकर केनरा बैंक से ऋण सुविधाएं प्राप्त की थीं। जांच से पता चला है कि आरोपियों ने पहले से बिक चुकी संपत्तियों को गिरवी रखकर या उन्हीं संपत्तियों को दो बार गिरवी रखकर बैंक को धोखा देने की साजिश रची। इसके बाद कंपनियों को ऋण प्राप्त हुआ। निजी उपयोग के लिए उस धन की हेराफेरी की गई।

ईडी की आगे की जांच से पता चला है कि अमित थेपड़े ने आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त अवैध धन को परतों में बांटने और एकीकृत करने के लिए एक जटिल वित्तीय नेटवर्क बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उसकी गिरफ्तारी व्यापक निगरानी और फोरेंसिक वित्तीय विश्लेषण के बाद हुई, जिसमें कई ऐसे लेन-देन सामने आए, जिनका उद्देश्य अपराध की आय के वास्तविक स्रोत को छिपाना था। ईडी के मुताबिक, अपराध की आय को वैध संपत्ति के रूप में प्रस्तुत किया गया। इस केस में आगे की जांच जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed