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लश्कर से जुड़े अयूब और दिल्ली के दो हवाला डीलरों को फेमा का नोटिस
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sat, 07 Oct 2017 03:51 AM IST
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terrorist
- फोटो : FILE PHOTO
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टेरर फंडिंग मामले में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से कथित तौर पर जुड़े मोहम्मद अयूब मीर और दिल्ली स्थित दो हवाला डीलरों बेच राज बेंगानी और हरबंस सिंह को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, मीर पाक स्थित आतंकी संगठन लश्कर से सीधे तौर पर जुड़ा है। मीर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरबंस सिंह से हवाला के जरिए सात लाख रुपये लेते समय गिरफ्तार किया था। उसे इसका निर्देश लंदन स्थित किसी शख्स से मिला था।
एजेंसी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मीर ने लश्कर से जुड़े होने की बात कबूल ली है। वह आतंकी संगठन के लिए हवाला के जरिए पैसे जमा करने और उन्हें वितरित करने का काम करता है। वहीं सिंह ने भी स्वीकार किया है कि वह बेंगानी के आदेश पर हवाला का भुगतान करता था।
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बेच राज हवाला कारोबार में लंबे समय से जुड़ा है। इससे पहले, उसके खिलाफ फेरा (अब समाप्त) के तहत भी केस दर्ज किया जा चुका है। 1993 में बेच राज पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा था।
ईडी के मुताबिक, अयूब मीर और हरबंस सिंह को 2004 में पोटा (आतंकवाद रोकथाम अधिनियम) के तहत भी दोषी ठहराया जा चुका है। संदिग्धों के खिलाफ फेमा के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, मीर पाक स्थित आतंकी संगठन लश्कर से सीधे तौर पर जुड़ा है। मीर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हरबंस सिंह से हवाला के जरिए सात लाख रुपये लेते समय गिरफ्तार किया था। उसे इसका निर्देश लंदन स्थित किसी शख्स से मिला था।
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एजेंसी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मीर ने लश्कर से जुड़े होने की बात कबूल ली है। वह आतंकी संगठन के लिए हवाला के जरिए पैसे जमा करने और उन्हें वितरित करने का काम करता है। वहीं सिंह ने भी स्वीकार किया है कि वह बेंगानी के आदेश पर हवाला का भुगतान करता था।
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बेच राज हवाला कारोबार में लंबे समय से जुड़ा है। इससे पहले, उसके खिलाफ फेरा (अब समाप्त) के तहत भी केस दर्ज किया जा चुका है। 1993 में बेच राज पर 50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगा था।
ईडी के मुताबिक, अयूब मीर और हरबंस सिंह को 2004 में पोटा (आतंकवाद रोकथाम अधिनियम) के तहत भी दोषी ठहराया जा चुका है। संदिग्धों के खिलाफ फेमा के तहत कार्रवाई की जाएगी।