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ED: 1200 करोड़ का अवैध खनन; सरकार को भारी नुकसान तो खुद कमाया लाभ, धोखा देने के लिए बनाई समान नाम वाली फर्म
Sat, 02 Aug 2025 01:42 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sat, 02 Aug 2025 01:42 PM IST
सार
ईडी की जांच से यह भी पता चला है कि खनन टेंडर प्रोपराइटरशिप फर्म मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स को आवंटित किया गया था, जिसमें नवीन गोयल प्रोपराइटर थे। सरकार को धोखा देने के लिए, समान नाम वाली एक अन्य साझेदारी फर्म यानी मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स, रमन सोखल और अन्य द्वारा बनाई गई थी।
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ED
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुख्यालय कार्यालय, नई दिल्ली ने हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम गांव में स्थित 'दादम हिल' में मेसर्स गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स, मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट, वेदपाल सिंह तंवर, रमन सोखल और अन्य द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत किए गए अवैध खनन के मामले में 28.07.2025 को 17.68 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को अनंतिम रूप से कुर्क किया है। ईडी ने पर्यावरण संरक्षण (ईपी) अधिनियम, 1986 के तहत हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) द्वारा दायर अभियोजन शिकायत के आधार पर उक्त मामले की जांच शुरू की थी।
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इसके बाद, हरियाणा पुलिस ने भी मेसर्स गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स (जीएमएम), मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स (एसएमए) और इसके भागीदारों वेदपाल सिंह तंवर, रमन सोखल और अन्य के खिलाफ आईपीसी, 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। ईडी की जांच से पता चला है कि मेसर्स गोवर्धन माइंस एंड मिनरल्स (जीएमएम) और मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स (एसएमए) ने 2017-2022 तक दादम माइंस, भिवानी, हरियाणा में खनन किया था। इसमें वे 1200 करोड़ रुपये से अधिक के अवैध और अवैज्ञानिक खनन में शामिल थे। इसके चलते सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और आरोपियों ने खुद मोटा लाभ कमाया।
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ईडी की जांच से यह भी पता चला है कि खनन टेंडर प्रोपराइटरशिप फर्म मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स को आवंटित किया गया था, जिसमें नवीन गोयल प्रोपराइटर थे। सरकार को धोखा देने के लिए, समान नाम वाली एक अन्य साझेदारी फर्म यानी मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स, रमन सोखल और अन्य द्वारा बनाई गई थी। हरियाणा खनन विभाग को सूचित या अनुमति लिए बिना ही धोखाधड़ी से पूरा खनन किया गया था। ईडी की जांच से पता चला है कि जीएमएम द्वारा अवैध और अवैज्ञानिक खनन से अर्जित अपराध की आय (पीओसी) का इस्तेमाल चल और अचल संपत्तियां हासिल करने के लिए किया गया था।
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जांच के दौरान, आरोपियों की 56.97 करोड़ रुपये की संपत्ति 27.09.2024 के आदेश के तहत अनंतिम रूप से कुर्क की गई। इसके साथ ही पीएमएलए के तहत विशेष न्यायालय के समक्ष आपराधिक अभियोजन शिकायत दायर की गई। मामले में आगे की जांच के दौरान, शेष पीओसी का पता लगाने और उसे कुर्क करने के प्रयास किए गए 28.07.2025 के आदेश के तहत 17.68 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई।
इस प्रकार, जीएमएम द्वारा अवैध खनन से संबंधित इस मामले में अब तक कुल 74.65 करोड़ रुपये की पीओसी कुर्क की जा चुकी है। मेसर्स सुंदर मार्केटिंग एसोसिएट्स, इसके लाभार्थी मालिकों रमन शोखल और अन्य के खिलाफ वर्ष 2017 के दौरान हरियाणा के भिवानी जिले के तोशाम गांव स्थित 'दादम हिल' में अवैध खनन के लिए ईडी की जांच जारी है ताकि इसके द्वारा अर्जित पीओसी का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान, अभियुक्तों की 25.16 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की गई है।