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ईडी की कार्रवाई: यूनिटेक ग्रुप और प्रमोटर्स के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में नई चार्जशीट दाखिल
Fri, 18 Feb 2022 05:21 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 18 Feb 2022 05:21 PM IST
सार
एजेंसी द्वारा आरोपियों के खिलाफ यह दूसरा आरोपपत्र है। पहला आरोपपत्र पिछले साल 2 दिसंबर को दायर किया गया था।
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यूनिटेक
- फोटो : social media
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय ने रियल्टी समूह यूनिटेक, उसके प्रमोटर भाइयों संजय चंद्रा और अजय चंद्रा और अन्य के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में यहां एक अदालत में एक नया आरोपपत्र दायर किया है। ईडी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इसमें कहा गया है कि गुरुवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया गया और अदालत ने धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत अभियोजन के अनुपालन वाले क्षेत्र का संज्ञान लिया।
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प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि चार्जशीट में संजय चंद्रा, अजय चंद्रा, रमेश चंद्र (उनके पिता और यूनिटेक समूह के संस्थापक), प्रीति चंद्रा (संजय चंद्र की पत्नी), राजेश मलिक (आरोपी कंपनी कार्नॉस्टी समूह के प्रमोटर) और 66 घरेलू और विदेशी कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। फिलहाल पांचों न्यायिक हिरासत में हैं।
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यह दूसरा आरोपपत्र
एजेंसी द्वारा आरोपियों के खिलाफ यह दूसरा आरोपपत्र है। पहला आरोपपत्र पिछले साल 2 दिसंबर को दायर किया गया था। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर और आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) द्वारा दायर दिल्ली पुलिस की दो प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद 6 जून, 2018 को समूह, उसके प्रमोटरों और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था।
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एजेंसी ने इस मामले में 43 छापे मारे हैं, 11 कुर्की आदेश जारी किए हैं, जिसमें अब तक कुल 763 करोड़ रुपये की 297 घरेलू और विदेशी संपत्ति शामिल है। अन्य आरोपी कंपनियों जैसे कार्नौस्टी ग्रुप, शिवालिक ग्रुप, त्रिकार ग्रुप के साथ-साथ चंद्रा से जुड़ी निजी और शेल (डमी) कंपनियों की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
तमिलनाडु में अपराधी की 25 करोड़ की संपत्ति जब्त
वहीं, ईडी ने शुक्रवार को कहा कि हत्या, जबरन वसूली और डकैती के कई मामलों में आरोपित तमिलनाडु के एक अपराधी की लगभग 25 करोड़ रुपये की संपत्ति को मनी लॉन्ड्रिंग रोधी कानून के तहत कुर्क किया गया है। उपनगरीय चेन्नई में स्थित 79 भूमि पीपीजीडी शंकर के और बेनामी नामों से संबंधित है और इसे जब्त कर लिया गया है। इन संपत्तियों की बाजार कीमत करीब 25 करोड़ रुपये है। प्रवर्तन निदेशालय ने एक बयान में कहा कि शंकर पर हत्या, जबरन वसूली, डकैती और आपराधिक साजिश जैसे अपराधों के लिए कम से कम 15 मामले दर्ज हैं।