Tamil Nadu: मंत्री दुरईमुरुगन के आवास पर 11 घंटे तक चली ED की छापेमारी खत्म; मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है मामला
केंद्र सरकार ने आठ नवंबर 2016 को अचानक देश में नोटबंदी लागू की थी। इसके तहत 1000 और 500 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था। उस समय नोटों को बदलने में की गई धोखाधड़ी की जांच चल रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मनी लॉड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। उसने तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री और डीएमके महासचिव दुरईमुरुगन के वेल्लोर जिले स्थित आवास पर 11 घंटे लंबी छापेमारी की। यह छापेमारी शुक्रवार दोपहर शुरू होकर शनिवार तड़के एक बजकर 35 मिनट पर खत्म हुई।
#WATCH | Tamil Nadu: ED raids continued for 11 hours at DMK General Secretary and Tamil Nadu Water Resources Minister Duraimurugan's residence in Vellore district.
विज्ञापन
The Enforcement Directorate (ED) search ended at 1:35 AM. pic.twitter.com/ggHkkiBVOQ — ANI (@ANI) January 4, 2025
मामले में ईडी ने दुरईमुरुगन और उनके बेटे सांसद कथिर आनंद व अन्य आरोपित से जुड़े वेल्लोर जिले के चार ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई का मकसद धोखाधड़ी को उजागर करना और इसमें शामिल लोगों की पहचान करना है। बता दें, ईडी ने यह छापेमारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दिशा-निर्देशों के उल्लंघन और 500 और 1000 रुपये के नोटों को 200 रुपये के नोटों से बदलने में बैंक अधिकारियों की ओर से की गई धोखाधड़ी को लेकर की।
2016 में की गई थी नोटबंदी
केंद्र सरकार ने आठ नवंबर 2016 को अचानक देश में नोटबंदी लागू की थी। इसके तहत 1000 और 500 रुपये के नोटों को चलन से बाहर कर दिया गया था। इसका मकसद जाली नोटों, बेहिसाब धन और आतंकवाद जैसी गतिविधियों से लड़ना था। इस फैसले के बाद पूरे देश को नोट बदलवाने के लिए लाइनों में लगना पड़ा था।
क्या है मामला?
2019 में सांसद कथिर आनंद और उनसे जुड़े ठिकानों से 11 करोड़ रुपये की बेहिसाब नकदी जब्त किए जाने के बाद वेल्लोर में लोकसभा चुनाव रद्द कर दिए गए थे। अगस्त 2019 में दोबारा चुनाव हुए तो कथिर आनंद ने डीमएके के टिकट पर 8141 मतों के मामूली अंतर से जीत हासिल की। उन्होंने एआईएडीएमके के एसी षणमुगम को हराया। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में फिर से उन्हें हराया।
वनमंत्री पोनमुडी के खिलाफ भी चल रही जांच
ईडी ने जुलाई 2023 में तमिलनाडु सरकार में वन मंत्री के पोनमुडी और उनके बेटे डॉ. पी गौतम सिगामणि के परिसरों पर छापेमारी की थी। इसके बाद उनकी 14 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई थी। पोनमुडी पर आरोप है कि वे 2007-2010 तक तमिलनाडु सरकार में खान मंत्री थे। इस दौरान उन्होंने अपने बेटे डॉ. पी गौतम सिगामणि, सिगामणि के बहनोई केएस राजमहेंद्रन और जयचंद्रन के नाम पर खनन के पांच लाइसेंस जारी किए। इस दौरान सिगामणि ने पट्टे पर दी गई भूमि से लाल मिट्टी की खुदाई की।
तमिलनाडु के सीएम ने बताया था राजनीतिक बदला
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके मुखिया एमके स्टालिन ने उनकी सरकार के मंत्री और नेताओं के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को राजनीतिक बदला करार दिया है। उन्होंने कहा था भाजपा राजनीतिक बदले में यह सब करा रही है। यह भाजपा द्वारा किया जा रहा है। उन्होंने तमिलनाडु में बनी अभिनेता विजय की नई पार्टी पर आरोप लगाया कि वे डीएमके को खत्म करना चाहते हैं।