ईडी का दावा: तलवार के हैं विजय माल्या से रिश्ते, हिरासत 12 फरवरी तक बढ़ाई
ईडी ने गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में दावा किया कि कॉरपोरेट लॉबिस्ट दीपक तलवार के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में भगोड़े कारोबारी विजय माल्या से रिश्ते हैं। विशेष न्यायाधीश एसएस मान ने तलवार को 12 फरवरी तक ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
ईडी ने अदालत से कहा कि तलवार का सामना फिलहाल विदेश में मौजूद उनके बेटे से कराया जाना है और जांच एजेंसी ने उन्हें 11 फरवरी को तलब किया है। ईडी ने तलवार की हिरासत की अवधि सात दिन बढ़ाने का अनुरोध किया था। अदालत ने इससे पहले ईडी को तलवार से हिरासत में सात दिन पूछताछ करने की अनुमति दी थी।
ईडी का आरोप है कि तलवार ने बातचीत में विदेशी निजी एयरलाइंस के पक्ष में बिचौलिये की भूमिका निभाई जिससे राष्ट्रीय विमानन कंपनी एयर इंडिया को नुकसान हुआ। ईडी ने अदालत में दावा किया कि जांच में तलवार के माल्या के साथ संबंधों का खुलासा हुआ है और कालेधन का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
माल्या पर 9000 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप
किंगफिशर एयरलाइंस के 62 साल के पूर्व प्रमुख कथित रूप से करीब नौ हजार करोड़ रुपये के धनशोधन एवं धोखाधड़ी के आरोपों में भारत में प्रत्यर्पित किये जाने की प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। वह पिछले साल अप्रैल में गिरफ्तार होने के बाद प्रत्यर्पण वारंट पर ब्रिटेन में जमानत पर रिहा चल रहे हैं।
ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जावेद ने सोमवार को माल्या का भारत में प्रत्यर्पण का आदेश दिया था जो माल्या के लिए बड़ा झटका है। ईडी की हिरासत में मौजूद तलवार को 30 जनवरी को दुबई से लाया गया था और यहां उतरने पर एजेंसी ने उसे गिरफ्तार किया था।
विदेशी एयरलाइंस को लाभ पहुंचाने वाले की तलाश
ईडी ने अदालत से कहा था कि उसे तलवार से पूछताछ करके नागरिक विमानन मंत्रालय, भारतीय राष्ट्रीय विमानन कंपनी लिमिटेड और एयर इंडिया के उन अधिकारियों का नाम पता करना है जिन्होंने कतर एयरलाइंस, एमीरेट्स और एयर अरेबिया सहित विदेशी एयरलाइंस का पक्ष लेकर उसे फायदा पहुंचाया।
तलवार पर आपराधिक साजिश, फर्जीवाड़ा करने और विदेशी मुद्रा नियमन अधिनियम (एफसीआरए) के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।केंद्र की पूर्ववर्ती संप्रग सरकार के दौरान कुछ उड्डयन सौदों में भी उनकी भूमिका जांच के दायरे में है।
ईडी और सीबीआई ने भ्रष्टाचार के आपराधिक मामलों में तलवार के खिलाफ मामले दर्ज किये हैं जबकि आयकर विभाग ने उसपर कर चोरी का आरोप लगाया है।