{"_id":"64f06026fb310b71bf0f7674","slug":"ed-attaches-fds-of-hyderabad-company-that-dumped-hazardous-waste-in-violation-of-anti-pollution-laws-2023-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"ED: ईडी ने हैदराबाद की कंपनी की FD जब्त की, खतरनाक कचरे के डंपिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ED: ईडी ने हैदराबाद की कंपनी की FD जब्त की, खतरनाक कचरे के डंपिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई
Thu, 31 Aug 2023 03:11 PM IST
देव कश्यप
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 31 Aug 2023 03:11 PM IST
सार
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला तेलंगाना राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएसपीसीबी) द्वारा मेडचल में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, साइबराबाद की अदालत के समक्ष दायर एक शिकायत के बाद सामने आया है।
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रदूषण विरोधी कानूनों का उल्लंघन कर खतरनाक कचरे के कथित डंपिंग से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हैदराबाद स्थित एक कंपनी की 90 लाख रुपये की सावधि जमा (Fixed Deposits) राशि जब्त कर ली है। केंद्रीय एजेंसी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। एजेंसी ने एक बयान में कहा, कंपनी श्री वेंकटेश्वर इंडस्ट्रीज के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
विज्ञापन
मनी लॉन्ड्रिंग का यह मामला तेलंगाना राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (टीएसपीसीबी) द्वारा मेडचल में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट, साइबराबाद की अदालत के समक्ष दायर एक शिकायत के बाद सामने आया है। बोर्ड द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि कंपनी जल (रोकथाम और प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम-1974 और वायु (रोकथाम और प्रदूषण नियंत्रण) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत टीएसपीसीबी द्वारा निर्धारित नियमों और विनियमों का उल्लंघन करते हुए समुचित ट्रीटमेंट के बिना खतरनाक अपशिष्ट पदार्थों का निपटान कर रही थी।
विज्ञापन
ईडी की जांच में पाया गया कि श्री वेंकटेश्वर इंडस्ट्रीज और उसके साझेदारों ने अपने परिसर में उत्पन्न खतरनाक कचरे के ट्रीटमेंट की वैधानिक आवश्यकता का पालन नहीं किया और इसे हैदराबाद अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना के ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोजल केंद्र में नहीं भेजा। एजेंसी ने आरोप लगाया कि डिस्पोजल केंद्र में भेजने के बजाय कंपनी ने ईंट बनाने वालों को देकर कचरे का निपटान किया। बयान में कहा गया है कि कंपनी और उसके साझेदारों ने 90 लाख रुपये की "अपराध की आय" अर्जित की, जिसे पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से संलग्न किया गया है।
विज्ञापन