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धोखाधड़ी : कंपनी आर्कन और सहयोगियों की 77.28 करोड़ की संपत्ति की जब्त
Fri, 09 Dec 2022 05:47 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Fri, 09 Dec 2022 05:47 AM IST
सार
ईडी ने सीबीआई की मुंबई आर्थिक अपराधा शाखा में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू की थी। सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आर्कन एंजीकॉन ने भारतीय स्टेट बैंक को ऋण चुकाने में चूक की थी।
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प्रवर्तन निदेशालय।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बैंक धोखाधड़ी मामले में चंद्रशेखर बालकृष्ण पांचाल की आर्कन एंजिकॉन व अन्य की 77.28 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को अटैच किया है। ईडी के मुताबिक मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम, 2002, (पीएमएलए) के तहत चंद्रशेखर बालकृष्ण पांचाल की आर्कन एंजिकॉन और अन्य के खिलाफ जांच शुरू की थी।
ईडी ने सीबीआई की मुंबई आर्थिक अपराधा शाखा में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू की थी। सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आर्कन एंजीकॉन ने भारतीय स्टेट बैंक को ऋण चुकाने में चूक की थी। इससे आईडीबीआई बैंक समेत कंसोर्टियम के अन्य बैंकों को 265.64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ईडी ने जांच में पाया कि उक्त कंपनी एसबीआई और अन्य कंसोर्टियम बैंकों से विभिन्न ऋण सुविधाओं का लाभ उठा रही थी और धन को विभिन्न संस्थाओं और कंपनी के निदेशकों के व्यक्तिगत खातों में भेज दिया। इस मामले में ईडी की जांच जारी है।
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ईडी ने सीबीआई की मुंबई आर्थिक अपराधा शाखा में दर्ज दो एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच शुरू की थी। सीबीआई की एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि आर्कन एंजीकॉन ने भारतीय स्टेट बैंक को ऋण चुकाने में चूक की थी। इससे आईडीबीआई बैंक समेत कंसोर्टियम के अन्य बैंकों को 265.64 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। ईडी ने जांच में पाया कि उक्त कंपनी एसबीआई और अन्य कंसोर्टियम बैंकों से विभिन्न ऋण सुविधाओं का लाभ उठा रही थी और धन को विभिन्न संस्थाओं और कंपनी के निदेशकों के व्यक्तिगत खातों में भेज दिया। इस मामले में ईडी की जांच जारी है।
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