धनशोधन मामले में फोर्टिस के प्रमोटर शिविंदर सिंह को रिमांड पर भेजा गया
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दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रोमोटर शिविंदर सिंह को आरएफएल धनशोधन मामले में 19 दिसंबर तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में भेज दिया। यह मामला रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड (आरएफएल) में कोष की कथित हेराफेरी से जुड़ा है।
एजेंसी ने पूछताछ के लिए शिविंदर की 14 दिन की हिरासत मांगी थी। इसके बाद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव ने उसे ईडी की रिमांड में भेज दिया।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह को रेलीगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड में धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया है। शिविंदर को पहले दिल्ली पुलिस के ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तार किया गया था और वह तिहाड़ जेल में बंद था।
Enforcement Directorate today arrested former Fortis Healthcare promoter Shivinder Mohan Singh in a case related to alleged misappropriation of funds at Religare Finvest Limited. He was earlier arrested by EOW of Delhi police & was in Tihar Jail. https://t.co/rgZZHVejvk
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 12, 2019
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने हाल ही में शिविंदर और अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था जिसके बाद शिविंदर तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में था। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को इस मामले में उसकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
ईडी ने पूर्व में शिविंदर के भाई मलविंदर मोहन सिंह को भी इस मामले में गिरफ्तार किया था। आरएफएल रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड (आरईएल) समूह की कंपनी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गुलशन कुमार ने आज शिविंदर की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि उसके न्याय से भागने और सुनवाई को प्रभावित करने की पूरी संभावना है।