ED: अवैध कॉल सेंटर से साइबर धोखाधड़ी के मामले में ईडी की कार्रवाई तेज, चार करोड़ के 37 घोड़े किए गए जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनधिकृत कॉल सेंटर चलाने वाली कोलकाता स्थित कंपनी मेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर 31 अगस्त 2023 को छापेमारी की थी। इसके बाद 10 सितंबर को मेट टेक्नोलॉजीज के मालिक कुणाल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। कंपनी ने अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में भोले-भाले निवासियों को निशाना बनाया था।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अवैध कॉल सेंटर के जरिए अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। ईडी ने साइबर धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉड्रिंग मामले में चार करोड़ रुपये से अधिक कीमत के 37 घोड़ों को जब्त किया है। ईडी प्रवक्ता ने बताया कि मामले में मेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक कुणाल गुप्ता और उनके सहयोगी पवन जायसवाल की पांच करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई। दोनों अंतरराष्ट्रीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क चलाते थे। जब्त की गई संपत्ति में 3.98 करोड़ रुपये के केजी स्टड फार्म एलएलपी के 37 घोड़े और 1.08 करोड़ रुपये कीमत का फ्लैट शामिल है। जब्त किए गए 37 घोड़े भारत के रेस क्लबों और घुड़सवारी स्कूलों में लगे हैं।
ईडी ने दावा किया कि गुप्ता के नियंत्रित धोखाधड़ी वाले कॉल सेंटरों का गठबंधन था, जो अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में पीड़ितों को निशाना बनाता था। इन केंद्रों ने झूठे तकनीकी समर्थन, नकली एप के माध्यम से फर्जी ऋण व धोखाधड़ी के लेनदेन से लोगों को धोखा दिया। आपराधिक आय को केजी स्टड फार्म और जीडी इन्फोटेक समेत विभिन्न कंपनियों के माध्यम से ठिकाने लगाया गया। केजी स्टड फार्म का इस्तेमाल पैसों को ठिकाने लगाने और उससे घोड़ों की खरीद, रखरखाव और प्रशिक्षण के लिए किया गया था।
जब्त करने के बाद खरीदे नहीं जा सकते पशु
पशुओं को जब्त करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय उनकी बिक्री पर प्रतिबंध लगाता है और जब पीएमएलए के निर्णायक प्राधिकरण की ओर से अनंतिम आदेश की पुष्टि हो जाती है, तो उन्हें नीलाम किया जा सकता है। इस बिक्री से प्राप्त धनराशि को सरकारी खजाने में रखा जाता है या धोखाधड़ी के पीड़ितों को वापस कर दिया जाता है।
31 अगस्त को कंपनी के कार्यालय पर की थी छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अनधिकृत कॉल सेंटर चलाने वाली कोलकाता स्थित कंपनी मेट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड पर 31 अगस्त 2023 को छापेमारी की थी। इसके बाद 10 सितंबर को मेट टेक्नोलॉजीज के मालिक कुणाल गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था। ईडी के एक बयान में कहा था कि जांच के दौरान कोलकाता के साल्ट लेक में कंपनी द्वारा संचालित एक अवैध कॉल सेंटर का पता चला, जो घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धोखाधड़ी की गतिविधियों में लिप्त था और पुलिस ने उसे सील कर दिया। निदेशालय की जांच से पता चला है कि कंपनी ने अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया में भोले-भाले निवासियों को निशाना बनाया था। गुप्ता पर अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुआ गतिविधियों में शामिल होने का भी संदेह है।' उसने ब्रिटेन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में कंपनियां स्थापित कीं। ब्रिटेन के दूरसंचार नियामक ऑफकॉम ने उनकी ब्रिटेन स्थित दो कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया था।