{"_id":"628b80dd3297aa399222786d","slug":"eci-refuses-to-disclose-correspondence-with-social-media-companies-after-their-objection-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"ECI: सोशल मीडिया कंपनियों के साथ पत्राचार का खुलासा नहीं करेगा चुनाव आयोग, आपत्ति जताए जाने के बाद लिया फैसला","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ECI: सोशल मीडिया कंपनियों के साथ पत्राचार का खुलासा नहीं करेगा चुनाव आयोग, आपत्ति जताए जाने के बाद लिया फैसला
Mon, 23 May 2022 06:11 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Mon, 23 May 2022 06:11 PM IST
सार
एक आरटीआई में मांगी गई जानकारी को लेकर चुनाव आयोग ने कहा कि आरटीआई अधिनियम की धारा 11 के अनुसार तीसरे पक्षों ने जानकारी साझा करने से इनकार किया है।
विज्ञापन
भारतीय निर्वाचन आयोग
- फोटो : फाइल
विस्तार
भारतीय निर्वाचन आयोग ने फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और ट्विटर समेत दिग्गज सोशल मीडिया कंपनियों के साथ अपने पत्राचार की जानकारी का खुलासा करने से इनकार कर दिया है। आयोग ने सोमवार को कहा कि यह फैसला सूचना के अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत इन कंपनियों की ओर से आपत्ति व्यक्त किए जाने के बाद उठाया गया है।
विज्ञापन
व
आयोग को पुणे के कार्यकर्ता विहार दुर्वे की ओर से एक आरटीआई मिली थी, जिसमें साल 2019 से 2022 के बीच सोशल मीडिया कंपनियों और चुनाव आयोग के बीच हुए पत्राचार के बारे में जानकारी मांगी गई थी। अधिनियम की धारा 11 के तहत थर्ड पार्टी क्लॉज को लागू करते हुए आयोग ने इस मामले में सोशल मीडिया कंपनियों से उनके रुख के बारे में पूछा था।
विज्ञापन
अधिनियम की धारा 11 के तहत अगर कोई आरटीआई आवेदक थर्ड पार्टी की जानकारी मांगता है तो केंद्रीय जन सूचना अधिकारी को रिकॉर्ड का खुलासा करने से पहले संबंधित तीसरे पक्ष से उसके रुख के बारे में पूछने का निर्देश दिया गया है। प्रकटीकरण पर अंतिम निर्णय अधिकारी का होता है।
विज्ञापन
दुर्वे ने चुनाव आयोग के ट्विटर, फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ हुए पत्राचार, रिकॉर्ड, सूचना, ईमेल आदि के बारे में जानकारी मांगी थी, जो साल 2019 से 2022 के बीच हुए। इसके जवाब में आयोग ने कहा कि धारा 11 के तहत तीसरे पक्षों यानी सोशल मीडिया कंपनियों ने खुलासा नहीं करने के लिए कहा है।