मतगणना से पहले वीवीपैट की पर्चियां नहीं गिनेगा चुनाव आयोग, येचुरी को आपत्ति
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मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने ईवीएम के मतों की गणना से पहले वीवीपैट की पर्चियों को गिनने की विपक्षी दलों की मांग को चुनाव आयोग द्वारा खारिज करने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना के विपरीत बताया है।
येचुरी ने बुधवार ने कहा, ‘आयोग का फैसला वीवीपैट के बारे में मतदान शुरू होने से पहले दिए गए उच्चतम न्यायालय के आदेश की भावना के विरुद्ध है। निर्वाचन प्रक्रिया की अखंडता की खातिर अगर मतगणना की प्रक्रिया थोड़ी लंबी होती है तो भी चुनाव आयोग प्रारूप पत्रों (सैंपल) का परीक्षण पहले करने के सिद्धांत का पालन क्यों नहीं कर रहा है?’
Integrity of EVMs by matching with sample VVPATs has to be done at the start of the counting. Doing so after the trends are declared makes it infructuous and is likely to lead to protests and a possible law and order situation from the affected candidates. https://t.co/Aj3zN2wFUT
विज्ञापन विज्ञापन— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) May 22, 2019
येचुरी ने ट्वीट कर कहा, ‘नमूने के तौर पर जमा की गई वीवीपैट पर्चियों की गणना पहले करने से ईवीएम के परिणाम मजबूत बनेंगे। चुनाव के रुझान सामने आने के बाद वीवीपैट की पर्चियों की गिनती करने से इसका उद्देश्य ही निष्फल हो जाएगा। इससे प्रभावित होने वाले प्रत्याशी धरना-प्रदर्शन करने के लिये मजबूर होंगे और यह कानून व्यवस्था के लिए परेशानी खड़ी करेगा।’
बता दें कि चुनाव आयोग ने 22 विपक्षी दलों की वीवीपैट के मिलान से जुड़ी मांग को ठुकरा दिया है। मंगलवार को विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपते हुए अपील की थी कि पांच पोलिंग बूथ के वीवीपैट पर्चियों का मिलान वोटों की गिनती से पहले हो न कि आखिरी राउंड की गिनती के बाद।
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इसमें यह भी कहा गया है कि अगर वीवीपैट मिलान गलत निकलता है तो उस विधानसभा क्षेत्र की सभी वीवीपैट पर्चियों का मिलान किया जाना चाहिए। लेकिन आयोग ने साफ कर दिया कि उनकी इस अपील पर अब विचार करना संभव नहीं है। प्रक्रिया मे कोई बदलाव नहीं किया जा रहा। वीवीपैट और ईवीएम का मिलान आखिर में ही किया जाएगा।