आचार संहिता तोड़ने पर इस बार किसी को नहीं बख्शेगा चुनाव आयोग
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चुनावी सुधार लागू करने को लेकर भले ही चुनाव आयोग को केंद्र सरकार की बाट जोहनी पड़ रही हो, लेकिन पांच चुनावी राज्यों में आयोग ने सख्त प्रशासक की भूमिका निभाने की पूरी तैयारी कर ली है। आयोग के नए सख्त नियमों में किसी को नहीं बख्शने का इरादा स्पष्ट है जबकि आयकर विभाग के साथ मिलकर उसने चुनाव में काले धन पर बहुत हद तक नकेल कस दी है।
सियासी दलों और आम जनता के बैंक खातों पर भी नजर रखी जा रही है। आयोग ने पूरे राज्य की कानून व्यवस्था अपने हाथ में ले ली है। उधर, सुप्रीम कोर्ट भी जल्द चाहता है कि किस चरण तक आपराधिक मामलों के मुकदमे में शामिल व्यक्ति को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए।
चुनाव आयोग ने अर्द्धसैनिक बलों को खर्चीली विधानसभा सीटों पर सख्त नजर रखने को कहा है। उम्मीदवारों को अलग से बैंक खाता खोलने और इस खाते से ही चुनाव खर्च करने की हिदायत है। इसके अलावा आयकर विभाग को छापेमारी के लिए चुनावी राज्यों के हवाई अड्डों और राज्यों में एयर इंटेलीजेंस यूनिट बनाने के लिए कहा गया है।
पुलिस और जिला मजिस्ट्रेट पर ऐहतियाती कदम उठाने पर जोर
उम्मीदवारों के चुनावी खर्चे की निगरानी फ्लाइंग स्क्वॉड, चौकसी टीम, वीडियो चौकसी टीम और आयकर विभाग के अधिकारियों के जरिये की जा रही है। उम्मीदवारों द्वारा चुनावी वाहनों के खर्चे छिपाने पर लगाम कसी गई है। 20 हजार रुपये से ऊपर की राशि का भुगतान चेक से करने के नियम से राजनीतिक दल परेशान हैं।
आयोग ने पुलिस और जिला मजिस्ट्रेट पर ऐहतियाती कदम उठाने पर जोर दिया है। आयोग ने राज्य प्रशासन को कहा है कि वे रोजाना रात दस बजे से लेकर सुबह छह बजे तक लाउडस्पीकर इस्तेमाल नहीं करने के नियम के उल्लंघन की रिपोर्ट उसे सौंपे। राजनीतिक दलों को उम्मीदवार के समर्थन में रोजाना खर्चे का हिसाब चुनाव खत्म होने के 75 दिन में देने को कहा है। आयोग इसे लोगों के लिए वेबसाइट पर अपलोड करेगा।
हर टीवी चैनल, एफएम रेडियो और सोशल मीडिया पर भी चुनाव से जुड़े कार्यक्रमों पर भी नजर रखने को कहा गया है। अगर कोई आचार संहिता के उल्लंघन से संबंधित प्रसारण होता है तो टीवी चैनल, एमएफ रेडियो के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। लोगों को चुनावी शिकायतों के लिए मोबाइल ऐप के साथ-साथ 1950 कॉल सेंटर नंबर भी बनाया गया है। इस बार पोलिंग स्टेशनों पर सीसीटीवी और वेबकास्टिंग निगरानी को बढ़ाने को कहा गया है।