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बिहार: चुनाव आयोग बोला- नौ दिन बाद भी मतदाता सूची के मसौदे पर किसी दल ने नहीं दर्ज कराई आपत्ति
Sat, 09 Aug 2025 08:14 PM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Sat, 09 Aug 2025 08:14 PM IST
सार
निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कहा कि बिहार मतदाता सूची का मसौदा एक अगस्त को प्रकाशित होने के बाद से किसी भी राजनीतिक दल ने उसमें नाम शामिल करने या हटाने के लिए उससे संपर्क नहीं किया है।
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चुनाव आयोग
- फोटो : ANI
विस्तार
चुनाव आयोग ने शनिवार को कहा कि बिहार मतदाता सूची का मसौदा नौ दिन पहले एक अगस्त को जारी होने के बाद से किसी भी राजनीतिक दल ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है। आयोग ने कहा कि 1 अगस्त से 9 अगस्त के बीच, किसी भी दल की ओर से नियुक्त किसी भी बूथ-स्तरीय एजेंट ने दावे और आपत्ति प्रक्रिया के तहत चुनाव अधिकारियों से संपर्क नहीं किया है।
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दूसरी ओर, 7,252 व्यक्तियों ने मतदाता सूची मसौदे में नाम शामिल करने या हटाने के लिए आयोग से संपर्क किया है। यह मसौदा सूची चुनाव आयोग की ओर से बिहार की मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का हिस्सा है। विपक्षी दलों का दावा है कि इस प्रक्रिया के कारण कई पात्र नागरिक दस्तावेजों के अभाव में अपने मताधिकार से वंचित हो जाएंगे।
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इस मुद्दे पर बहस की मांग करते हुए, विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शनों के कारण 21 जुलाई को शुरू हुए मानसून सत्र के बाद से संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही ठप रही है। चुनाव आयोग ने कहा है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित नहीं रहेगा।
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बता दें कि मसौदा सूची एक सितंबर तक दावों और आपत्तियों के लिए उपलब्ध रहेगी, जिसके तहत पार्टियां और व्यक्ति छूटे हुए पात्र नागरिकों को शामिल करने और अयोग्य लोगों को बाहर करने की मांग कर सकते हैं। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित की जाएगी।