Maharashtra: NCP का नाम-निशान गंवाने से शरद गुट नाखुश; कहा- दबाव में लिया गया फैसला, सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
Maharashtra: चुनाव आयोग ने राकांपा के नाम और चुनाव चिह्न पर आज अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले पर नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने लगी है। पार्टी के नेता प्रफुल्ल पटेल ने फैसले का स्वागत किया है।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नाम और चुनाव चिह्न के मामले में चुनाव आयोग ने उप मुख्यमंत्री अजित पवार के गुट के पक्ष में फैसला सुनाया है। इस पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि वह चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं और किसी भी सियासी दल के लिए चुनाव चिह्न जरूरी होता है। इस बीच सुप्रिया सुले ने कहा कि जो शिवसेना के साथ उन्होंने किया वही हमारे साथ किया। इस पार्टी का संस्थापक सदस्य एवं संस्थापक नेता एक ही व्यक्ति रहे हैं और वह शरद पवार हैं। माहौल कुछ और है, देश में 'अदृश्य शक्ति' है जो यह सब कर रही है। हम सुप्रीम कोर्ट जरूर जाएंगे। शरद पवार गुट द्वारा चुनाव आयोग को सौंपे जाने वाले वैकल्पिक नाम और प्रतीक के बारे में पूछे जाने पर सुप्रिया सुले ने कहा कि हम यह कल करेंगे।
कार्यकर्ता और नेता अजित पवार के साथ: प्रफुल्ल पटेल
प्रफुल्ल पटेल ने कहा, ऐसा हो सकता है कि कल इस फैसले को शीर्ष अदालत या उच्च न्यायालय में चुनौती दी जाए। लेकिन, इसमें हमें कुछ नहीं कहना है। हम चुनाव आयोग के फैसले का स्वागत करते हैं। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग का फैसला साबित करता है कि पार्टी के ज्यादातर कार्यकर्ता और चुने हुए प्रतिनिधि अजित पवार के साथ हैं।
फैसला संविधान की भावना के खिलाफ: प्रियंका चतुर्वेदी
वहीं, चुनाव आयोग के फैसले पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, मैं बिल्कुल भी हैरान नहीं हूं। एक व्यक्ति जिस पर 70,000 करोड़ रुपए के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। आज वह बीजेपी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। अजीत पवार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं। यह संविधान की अनुसूची 10 की भावना के खिलाफ है।"
चुनाव आयोग का फैसला लोकतंत्र की हत्या: अनिल देशमुख
राकांपा नेता अनिल देशमुख ने कहा, "आज चुनाव आयोग ने शरद पवार की पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह अजित पवार को दे दिया है। इसी तरह का फैसला शिवसेना के मामले में भी लिया गया था। राकांपा की स्थापना शरद पवार ने की थी। वह वर्षों तक पार्टी के अध्यक्ष रहे। दबाव में चुनाव आयोग का फैसला लोकतंत्र की हत्या है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
आदित्य ठाकरे का आरोप- देश में नहीं बचा स्वतंत्र और निष्पक्ष लोकतंत्र
भाजपा को इस फैसले का पहले से यकीन था, एनसीपी की कमान अजित पवार को मिलने की बधाई
#WATCH | Nagpur: On Ajit Pawar getting the NCP name and symbol, Maharashtra Deputy CM Devendra Fadnavis says, "This was an expected decision. If we look at the kind of decisions given by the Election Commission at different times in the last 10-15 years in such matters, then… pic.twitter.com/8hZkN7bjGe
— ANI (@ANI) February 6, 2024