फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   EC denies information on RTI seeking Ashok Lavasa dissent note in connection with PM Modi speeches

चुनाव आयोग का अशोक लवासा के नोट जारी करने से इनकार, सुरक्षा को बताया खतरा

Tue, 25 Jun 2019 09:57 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Tue, 25 Jun 2019 09:57 AM IST
विज्ञापन
EC denies information on RTI seeking Ashok Lavasa dissent note in connection with PM Modi speeches
चुनाव आयोग (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

चुनाव आयोग से सूचना का अधिकार कानून (आरटीआई) के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए भाषणों को लेकर चुनाव आयुक्त अशोक लवासा की असहमति को लेकर जानकारी मांगी गई थी। आयोग का कहना है कि आरटीआई अधिनियम के नियम 8(1) (जी) के तहत सूचना का खुलासा नहीं किया जा सकता है क्योंकि इस तरह की जानकारी किसी व्यक्ति के जीवन और उसकी शारीरिक सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है।

विज्ञापन


विज्ञापन



आरटीआई कार्यकर्ता विहार दुर्वे ने लवासा की असहमति जताने वाली टिप्पणियों की मांग की थी। जो वर्धा में एक अप्रैल, लातूर में नौ अप्रैल, पाटन और बाड़मेर में 21 अप्रैल और वाराणसी में 25 अप्रैल को हुई रैलियों में मोदी के भाषणों से संबंधित थे। दुर्वे ने इन भाषणों के संबंध में आयोग द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया और आयोग द्वारा दिए गए निर्णय की जानकारी भी मांगी थी। इस सूचना को भी अधिनियम की धारा 8 (1) (जी) का हवाला देते हुए साझा करने से मना कर दिया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


लवासा ने प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उनके भाषणों के लिए आयोग द्वारा दी गई कई ‘क्लीन चिट’ पर कथित तौर पर असहमति जताई थी। लवासा ने अपनी असहमति वाली टिप्पणियों को चुनाव आयोग के आदेशों में दर्ज किए जाने की मांग की थी लेकिन ऐसा नहीं होने पर लवासा ने खुद को चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े मामलों से अलग कर लिया था।


आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए मोदी और शाह के खिलाफ की गई शिकायतों में चुनाव आयोग के 11 निर्णयों पर लवासा ने कथित तौर पर असहमति जताई थी। इन निर्णयों में प्रधानमंत्री मोदी और शाह को क्लीन चिट दी गई थी। 16 मई को लवासा ने यह कह कर एमसीसी की बैठक में भाग लेने से इंकार कर दिया था जब तक अल्पसंख्यक निर्णयों को फैसलों में शामिल नहीं किया जाता वह आदर्श आचार संहिता को लेकर होने वाली बैठकों में भाग नहीं लेगें। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed