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Cancer: कैंसर के लिए रास्ता बनाने वाले ईबीवी वायरस से दुनिया के 90% लोग संक्रमित, लक्षण होते हैं हल्के

Sat, 15 Apr 2023 06:01 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sat, 15 Apr 2023 06:01 AM IST
सार

सान डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर डोन क्लीवलैंड ने बताया कि यह वायरस जीनोमिक खामियों के जरिये ल्यूकेमिया पैदा करने वाले ऑन्कोजीन को सक्रिय कर देता है। इसके अलावा कैंसर ट्यूमर को नियंत्रित करने वाली शारीरिक क्षमता को भी कम कर सकता है।

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EBV virus making way for cancer 90 percent people of the world infected
कैंसर सांकेतिक तस्वीर - फोटो : istock

विस्तार

शरीर में जीनोमिक खामियां पैदा कर कैंसर के लिए रास्ता बनाने वाले एपस्टीन-बार वायरस (ईबीवी) से दुनिया की 90 फीसदी आबादी संक्रमित हो चुकी है। अमेरिका के सान डिएगो स्थित कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के मुताबिक ज्यादातर लोग बचपन में ही इस वायरस की चपेट में आ जाते हैं। इससे होने वाले संक्रमण के त्वरित प्रभाव और लक्ष्ण बहुत हल्के होते हैं, जिनका आमतौर पर पता भी नहीं चलता है। लेकिन, यह वायरस शरीर में निष्क्रिय अवस्था में बना रहता है।
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हाल में ही नेचर पत्रिका में प्रकाशित शोध में सान डिएगो स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर डोन क्लीवलैंड ने बताया कि यह वायरस जीनोमिक खामियों के जरिये ल्यूकेमिया पैदा करने वाले ऑन्कोजीन को सक्रिय कर देता है। इसके अलावा कैंसर ट्यूमर को नियंत्रित करने वाली शारीरिक क्षमता को भी कम कर सकता है। ईबीवी शारीरिक तरल पदार्थ, मुख्य रूप से लार, चुंबन, पेय पदार्थ साझा करने या एक साथ खाने के बर्तनों का उपयोग करने से एक से दूसरे व्यक्ति में आसानी से फैलता है।
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डोन क्लीवलैंड कहते हैं, यह वायरस असल में मानव गुणसूत्र (क्रोमोसोम) 11 में एक दरार पैदा करता है, जिससे जीनोमिक अस्थिरता पैदा होती है और ल्यूकेमिया पैदा करने वाले ऑन्कोजीन सक्रिय हो जाते हैं। क्रोमोसोम 11, मनुष्यों में गुणसूत्रों के 23 जोड़े में से एक है, जिसमें करीब 135 मिलियन बेस जोड़े मौजूद होते हैं। यह कोशिकाओं में कुल डीएनए के 4 से 4.5 फीसदी का प्रतिनिधित्व करता है।
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असल में मानव जीनोम में कई नाजुक कड़ियां होती हैं। इन विशेष क्रोमोसोमल क्षेत्रों में जब प्रतिकृति बनती हैं, तो उत्परिवर्तन, विराम या अंतराल पैदा होने की आशंका रहती है, जो आगे चलकर विकार और बीमारी बनती हैं। अलग-अलग लोगों में कुछ नाजुक कड़ियां अलग-अलग हो सकती हैं, जबकि कुछ ऐसी कड़ियां हैं, जो मानव जीनोम में सामान्य पाई जाती हैं। इन्हीं की वजह से दुर्लभ या सामान्य वंशानुगत विकार, बीमारी या स्थितियां पैदा होती हैं। कई तरह के कैंसर भी इसी श्रेणी में आते हैं।


शोधकर्ताओं ने 2,439 कैंसर मरीजों के 38 तरह के ट्यूमरों का संपूर्ण पैन-कैंसर विश्लेषण और संपूर्ण जीनोम अनुक्रमण किया। इस डाटा से शोधकर्ताओं ने पाया कि जिन कैंसर ट्यूमर में ईबीवी का पता चला उनमें गुणसूत्र 11 की असमान्यता का स्तर बहुत ज्यादा पाया गया। सिर और गर्दन के कैंसर के 100 फीसदी मामलों में गुणसूत्र 11 की असमान्यता पाई गई, जिसके पीछे ईबीवी की वजह से पैदा हुई दरारें जिम्मेदार थीं। अध्ययन से जुड़ी डॉ. जूलिया ली कहती हैं, एक सर्वव्यापी वायरस, जो प्रत्यक्ष रूप से मानव आबादी के लिए हानिरहित है, अप्रत्यक्ष रूप से मानवता के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक के लिए जिम्मेदार है। कैंसर की रोकथाम और प्रभावी इलाज के प्रयासों के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन ईबीवी और क्रोमोसोम 11 में पाई गई खामियों से कई तरह के कैंसर को प्रभावी रूप से प्रबंधित करने में मदद जरूर मिलेगी।
 
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