{"_id":"61b3b51c74d2ba0ec618f859","slug":"earthquake-with-a-magnitude-of-3-7-on-the-richter-scale-hit-31km-nnw-of-aizawal-mizoram","type":"story","status":"publish","title_hn":"Earthquake: मिजोरम में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.7 रही तीव्रता","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Earthquake: मिजोरम में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 3.7 रही तीव्रता
Sat, 11 Dec 2021 01:44 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिजोरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिजोरम
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 11 Dec 2021 01:44 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : AMAR UJALA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मिजोरम के आइजोल में शनिवार देर रात बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक भूकंप के झटके रात करीब 12:49 बजे महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.7 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी ने भूकंप की पुष्टि की है।
विज्ञापन
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकरना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।
विज्ञापन
भूकंप की तीव्रता
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।
विज्ञापन
लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।